दूधिया रोशनी से नहाएगा शहर, गुरुपर्व पर एलईडी लाइट्स लगाने का काम शुरू

दूधिया रोशनी से नहाएगा शहर, गुरुपर्व पर एलईडी लाइट्स लगाने का काम शुरू

श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर शहर को दूधिया रोशनी से सराबोर करने के लिए एलईडी स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट का काम शुरू हो गया है।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 10:40 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, जालंधर श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाशोत्सव पर शहर को दूधिया रोशनी से सराबोर करने के एलइडी स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। शहीद भगत सिंह चौक इलाके में इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया गया और उदघाटन के अवसर पर 100 लाइट्स लगाई गई हैं। किसान आंदोलन के कारण एलईडी लाइट का स्टाक आने में देरी हुई है। इस कारण से तीन से चार दिन बाद ही प्रोजेक्ट गति पकड़ पाएगा। मेयर जगदीश राज राजा, विधायक बावा हैनरी, स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ एवं नगर निगम कमिश्नर करनेश शर्मा व सीनियर डिप्टी मेयर सुरिदर कौर ने कई पार्षदों की मौजूदगी में करीब 44 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को शुरू करवाया।

मेयर जगदीश राजा ने कहा कि अगले एक महीने में शहर में एलईडी लाइट्स का असर नजर आना शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट अकाली-भाजपा सरकार के समय में तय किए गए प्रोजेक्ट के मुकाबले कई गुना सस्ता है। निगम को इस पर कुछ भी खर्च नहीं करना पड़ रहा है। शहर में अगले 4 से 6 महीने में 70000 लाइट्स लगाई जाएंगी। पुरानी सोडियम लाइट्स की जगह एलईडी लाइट लगाने से नगर निगम का बिजली का बिल भी 50 से 60 प्रतिशत तक कम हो जाएगा। इस समय नगर निगम करीब 20 करोड़ रुपये सालाना बिल दे रहा है। एलईडी लाइट लगने के बाद बिजली का बिल 10 करोड से कम रह जाने की उम्मीद है। एलईडी लाइट्स लगने के बाद शहर में स्ट्रीट लाइट खराब रहने से होने वाली शिकायतें भी नाममात्र रह जाएंगी।

नगर निगम के सुपरिंटेंडिग इंजीनियर सतिदर कुमार ने कहा कि लाइटें आने में अभी तीन-चार दिन और लगेंगे। हजारों की गिनती में एलईडी लाइट्स टेस्टिंग के बाद कंपनी के गोदाम में पड़ी हुई हैं, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण गाड़ियां नहीं आ पा रही हैं। उन्होंने बताया कि चारों विधानसभा हलकों के दो-दो वार्ड में लाइट लगाने का काम एक साथ शुरू किया जाना है। लाइट लगाने के लिए विधायक ही वार्ड तय करेंगे। एक समय में आठ वार्डो में काम शुरू होगा। स्मार्ट लाइट्स अपने आप होंगी आन आफ

एलईडी लाइट्स लगाने से कई काम आसान होंगे। लाइट्स कंट्रोल रूम से आन आफ होंगी। ठेका कंपनी एचपीएल इलेक्ट्रिक एंड पावर लिमिटेड इस पर काम कर रही है। स्मार्ट लाइट्स की वर्किंग ऐसी होगी कि शाम को जैसे ही रोशनी कम होनी शुरू होगी लाइट्स अपने आप आन हो जाएंगी। इसी तरह सुबह रोशनी होने पर लाइट्स बंद हो जाएंगी। शहर में जरूरत के हिसाब से 18, 35 और 70 वाट की लाइटें लगाई जाएंगी। कंपनी ही अगले पांच साल के लिए लाइट्स की मेंटीनेंस करेगी। इसके लिए प्रति प्वाइंट के हिसाब से निगम फीस देगा। कंट्रोल रूम में यह पता चलता रहेगा कि शहर मे कहां लाइट बंद है। इसे तुरंत ठीक करवाया जा सकेगा। बिजली के हर मीटर पर लाइटों का लोड फीड रहेगा। अगर किसी इलाके में बिजली चोरी से लोड बढ़ता है तो कंट्रोल रूम में तुरंत सूचना आएगी।

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