कोरोना काल में शिक्षा का कैसे बदला रूप.. और कहां हो सकता सुधार, CBSE ने शिक्षकों से मांगे सुझाव

कोरोना महामारी में लगे लाकडाउन की वजह से शिक्षण संस्थान लगभग डेढ़ साल से बंद हैं। ऐसे में शिक्षा का स्वरूप निरंतर बदलता रहा है और विद्यार्थियों का भविष्य खराब न हो इसलिए सीबीएसई की तरफ से भी नए-नए हत्थकंडे अपनाए जा रहे हैं।

Vikas_KumarWed, 07 Jul 2021 02:52 PM (IST)
सीबीएसई ने शिक्षकों से इस महामारी के दौरान शिक्षण प्रणाली में आए बदलाव संबंधी सुझाव मांगे हैं।

जालंधर, [अंकित शर्मा]। कोविड-19 संक्रमण की वजह से लगे लाकडाउन की वजह से शिक्षण संस्थान लगभग डेढ़ साल से बंद हैं। ऐसे में शिक्षा का स्वरूप निरंतर बदलता रहा है और विद्यार्थियों का भविष्य खराब न हो इसलिए सीबीएसई की तरफ से भी नए-नए हत्थकंडे अपनाए जा रहे हैं।

इसके तहत ही अब बोर्ड की तरफ से देश भर के सभी स्कूलों के शिक्षकों से इस महामारी के दौरान शिक्षण प्रणाली में आए बदलाव संबंधी सुझाव मांगे हैं। जिसमें क्या-क्या फैसले विद्यार्थियों के लिए बेहतर रहे हैं और कौन से फैसलों में सुधार किया जाना बाकी है। ऐसे में किसी का कोई बेहतरीन सुझाव है तो वह भी बोर्ड को बता सकता है। इस संबंध में बोर्ड की तरफ से 20 जुलाई तक का समय दिया गया है, ताकि शिक्षक अपनी सुविधानुसार कुछ समय निकाल कर अपने सुझाव अवश्य दें।

बता दें कि बोर्ड की तरफ से इससे पहले भी शिक्षकों व स्कूल मुखियों से सुझाव मांगे गए थे और अब एक बार फिर से बोर्ड ने सीबीएसई से जुड़े सभी स्कूल मुखियों को अपील की है कि वे अपने अधीन आने वाले शिक्षकों को इसमें भागीदार जरूर बनाए और प्रतिभागिता को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाएं। बोर्ड की तरफ से बेहतरीन सुझावों के आधार पर ही आगे की प्लानिंग की जाएगी, क्योंकि बोर्ड की तरफ से निरंतर मौजूदा समय की स्थिति को देख कर आगे की पढ़ाई का समय व शेड्यूल खराब न हो इसके लिए निरंतर प्लानिंग की जा रही है। यही कारण है कि बोर्ड की तरफ से दूसरी बार शिक्षकों से सुझाव मांगे जा रहे हैं।

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