पंजाब में मुफ्त बस सेवा बनी मुसीबत, महिलाओं ने सरकार से लगाई गुहार - किराया ले लो, बस रोक दो

बसों के स्टापेज पर नहीं रूकने के कारण कामकाजी महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बस स्टैंड पर तो काउंटर पर लगी बस में महिला यात्री आराम से सवार हो जाती हैं लेकिन रास्ते में स्टापेज पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।

Vinay KumarTue, 23 Nov 2021 11:02 AM (IST)
महिलाएं बसों का इंतजार करती रहती है लेकिन बसें निकल जाती हैं। जागरण

मनुपाल शर्मा, जालंधर । यात्रा के लिए चाहे किराया वसूल लें लेकिन बसें खड़ी करें। पंजाब सरकार की तरफ से महिला यात्रियों को निशुल्क यात्रा सुविधा देना सुविधा से ज्यादा असुविधा देने लगा है। पूर्व में पैसे लेकर निर्विघ्न बिजली सप्लाई की मांग करने वाले किसानों की तर्ज पर अब महिला यात्री भी निशुल्क यात्रा की बजाए पैसे लेकर बसें रोकने की मांग करने लगी है।

पंजाब रोडवेज एवं पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) के मुलाजिम महिला यात्रियों के लिए रास्ते में बसें खड़ी ही नहीं कर रहे हैं, जिस वजह से कामकाजी महिलाओं को समय पर ऑफिस पहुंच पाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड पर तो काउंटर पर लगी बस में महिला यात्री आराम से सवार हो जाती हैं, लेकिन रास्ते में पड़ने वाले स्टॉपेज पर महिला यात्रियों को लंबे समय तक बसों के रुकने का इंतजार करना पड़ता है। महिला यात्री बस रुकने का इंतजार करती रहती हैं, लेकिन कई बसें निकल जाती है।

लंबे समय तक बस खड़ी न होने के चलते संबंधित स्टॉपेज के ऊपर महिला यात्रियों की संख्या कि में खासा इजाफा हो चुका होता है। जब तक कोई बस रूकती है, तब तक महिला यात्रियों की संख्या इतना ज्यादा होती है कि सीट मिल ही नहीं पाती है। मजबूरी में महिला यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है। इतनी ही बस नहीं है। बस में सवार होने पर कंडक्टर भी महिला यात्रियों को आधार कार्ड के नाम से पुकार रहे हैं और महिला यात्रियों को सार्वजनिक तौर पर बेइज्जत होना पड़ रहा है।

इस बारे में पंजाब रोडवेज के डिप्टी डायरेक्टर परनीत सिंह मिन्हास ने कहा कि पहले भी स्टाफ को आदेश दिए जा चुके हैं कि महिला यात्रियों के लिए बसें रोकी जाएं और उन्हें यात्रा के दौरान पूरा सम्मान भी दिया जाए। बावजूद इसके अगर किसी स्टॉपेज के ऊपर बसें नहीं रुक रही हैं तो महिला यात्री संबंधित बस के नंबर के साथ शिकायत कर सकती है। तुरंत संबंधित स्टाफ के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अति शीघ्र एक बार फिर से स्टाफ के लिए दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि महिला यात्रियों के साथ किसी भी तरह का दुर्व्यवहार न किया जाए और उनके लिए प्रत्येक स्टॉपेज के ऊपर बसें भी रोकी जाएं।

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