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खाना हाथों से नहीं दिल से बनाया जाता है: शेफ विकास खन्ना

जागरण संवाददाता, जालंधर

घर की किचन में खाना तो हर कोई बना ही लेगा। मगर अच्छा खाना तो हाथों से नहीं दिल से बनाया जाता है। खाने का स्वाद खुद इन जज्बातों को जाहिर कर देते हैं कि खाना कैसे बना है। अगर हेल्दी लाइफ चाहते हैं तो खुद उसे घर पर बनाएं। न की बाहर से मंगवाएं। जब घर पर खाना बनाएं तो उसे धीमी आंच पर (गैस धीमी करके) बनाएं। इससे आपके खाने के पौष्टिक तत्व भी नष्ट नहीं होंगे। इससे खाने में पोषक तत्व के साथ वह पूरी तरह से हेल्दी भी रहेगा। कुछ इस तरह से अंतर्राष्ट्रीय शेफ व मास्टर शेफ विकास खन्ना ने अपनी तजुर्बे शेयर किए। वे लवली स्वीट्स व लवली बेकरी में आए हुए थे, जहां उन्होंने अपनी 35वीं किताब द मैजिक ऑफ स्लो कुकिग बुक रिलीज की। बुक रिलीज की रस्म में विकास खन्ना के साथ उनकी मां बिदू खन्ना अमृतसर से आई थीं। समारोह में लवली ग्रुप के वाइस चेयरमैन नरेश मित्तल, एलपीयू के एडिशिनल डायरेक्टर अमन मित्तल, डायेक्टर वैभव मित्तल, इंदू मित्तल, स्वाति मित्तल, लवली बेकरी के डायरेक्टर शैशव मित्तल मौजूद थे। फंक्शन के दौरान ही उन्होंने होटल मैनेजमेंट के छात्रों के साथ अपने तजुर्बों के साथ-साथ खाना बनाने के लिए टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि पंजाब का खाना देश में ही सीमित न होकर विदेशों में भी प्रसिद्ध है। वहीं विदेशों का खाना पंजाब सहित अन्य शहरों में पहुंच गया है। यह वैश्विक परिवर्तन है, जो समय के साथ-साथ बदलाव लाता है। पर हमें अपने पंजाबी खाने से जुड़े रहना चाहिए। यह तभी पूर्ण हो सकेगा, जब हम कुकिग को दिल से अपनाएंगे। उन्होंने बताया कि 2008 में पैरिस में ट्रेनिग कर रहे थे। जहां के बेहद बड़े शेफ थे, वे चाहते थे कि उन्हें कुछ बनाकर दिखाकर इंप्रेस करें। मगर उनकी बात दिल पर चुभ गई, वो यह थी कि तुम्हारे काले हाथों से मैं कुछ खा नहीं सकता। बस तभी ठान लिया था कि अब तो पैरिस आउंगा तो अपने कुकिग के जनून को साबित करके ही। उस जनून को जिदा रखा और दिल से कुकिग की। बस सभी अपने भीतर भी जनून जगाएं और आगे की सोचें।

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