Farmers Protest Jalandhar: किसानों ने डीसी ऑफिस के बाहर शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला प्रधान सलविंदर सिंह बताया कि मांगों को लेकर किसान मजदूर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं पर सरकार उनकी अनदेखी कर रही है।किसानों के आंदोलन के 10 महीने बीतने के बाद भी केंद्र सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही है।

Pankaj DwivediTue, 28 Sep 2021 04:48 PM (IST)
जालंधर में डीसी दफ्तर के आगे धरना देते हुए किसान। जागरण

जागरण संवाददाता, जालंधर। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब की ओर से डीसी आफिस के बाहर मंगलवार को अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत की। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी न की गई तो धरना भविष्य में बड़े एक्शन में तब्दील हो सकता है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला प्रधान सलविंदर सिंह बताया कि मांगों को लेकर किसान मजदूर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं पर सरकार उनकी अनदेखी कर रही है।किसानों के आंदोलन के 10 महीने बीतने के बाद भी केंद्र सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही है। इसीलिए किसानों ने आंदोलन को तेज कर दिया है। 

उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख मांग है कि दिल्ली संघर्ष में मारे गए किसान मजदूरों के परिवारों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। साथ ही, उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, उसका पूरा कर्ज माफ किया जाए। पंजाब में खाद और यूरिया की किल्लत को दूर किया जाए। केंद्र सरकार तीनों कृषि सुधार कानून रद करे। 

इसके अलावा, 23 फसलों की खरीद की गारंटी वाला कानून बनाया जाए। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में की गई बढ़ोतरी वापस ली जाए। बिजली संशोधन बिल 2020 और वायु प्रदूषण एक्ट 2020 को तुरंत रद किया जाए। इसके अलावा, किसानों ने खेती में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की सब्सिडी 80 से घटाकर 40 फीसद करने पर भी रोष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अगर मांगें न पूरी की गई तो संगठन जल्द ही अगले बड़े एक्शन की घोषणा करेगा। 

इस मौके पर गुरलाल सिंह पंडोरी, हरप्रीत सिंह कोटली गाजरा, निर्मल सिंह, संदीप कुमार तलवंडी संघेड़ा, रंजीत सिंह बल, सरबजीत सिंह, सुखवंत सिंह, जरनैल सिंह, जगदीश पाल सिंह, महेंद्र कोटली, सरवन सिंह, कुलदीप सिंह, शेर सिंह, भूपिंदर सिंह, जुझार सिंह, सुखजिंदर सिंह, बलविंदर सिंह राजेवाल, राजेंद्र सिंह, सुखराज सिंह ,हरपाल सिंह, शिंगारा सिंह, कुलदीप राय, बूटा सिंह, पाल सिंह, राजा चट्ठा, रछपाल सिंह गोरा, पाल सिंह, बूटा सिंह, जसविंदर सिंह, तेजिंदर सिंह रामपुर के अलावा किसान संगठनों के सदस्य व पदाधिकारी मौजूद थे।

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