शिक्षकों की कमी के चलते जिले के तीन स्कूल हो चुके हैं बंद, तीन स्कूल ऐसे जहा सिर्फ एक शिक्षक

कमल किशोर, जालंधर : एडिड स्कूलों में अध्यापकों की किल्लत स्कूल बंद करवाने की नौबत ले आई है पिछले वर्ष दो में तीन स्कूल अध्यापकों की कमी के चलते बंद हो चुके है। राज्य सरकार ने एक वर्ष पहले नई नॉटिफिकेशन जारी कर स्कूलों में टीचर भर्ती करने की बात कही थी। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी सरकार नोटिफिकेशन के मुताबिक शिक्षकों की भर्ती करने का तैयार नहीं है। नई नोटिफिकेशन के मुताबिक मैनेजमेंट कमेटियों को 70:30 का अनुपात रखना पड़ रहा है। इसके लिए कमेटिया तैयार नहीं है। पंजाब के अस्तित्व में आने के समय यह अनुपात 95:5 था। उस समय 95 फीसदी ग्राट सरकार देती थी जबकि पाच फीसदी मैनेजमेंट को देना पड़ता था। अब सरकार मात्र 70 फीसदी ग्राट दे रही है। तीस फीसदी स्कूल मैनेजमेंट को देना जरुरी है। इस अनुपात के चलते कमेटिया शिक्षकों की भर्ती नहीं कर रही हैा। एडिड स्कूल फैक्ट फाइल

-वर्ष 2003 में राज्य में 483 स्कूल थे, मौजूदा समय में 450 रह गए

-जिले में 53 थे, अब 50 रह गए।

-वर्ष 2003 में शिक्षकों की गिनती 10,000, अब 2600

-जिले में 1600 थी, अब 450 रह गई जिले के यह स्कूल हो चुके है बंद

-केएसएसडी स्कूल, अलावलपुर

-बीएम हाई स्कूल, बस्ती अड्डा

-भारती बाल विद्या मंदिर स्कूल, शास्त्री नगर जिले के इन स्कूलों में एक शिक्षक

-पब्लिक हाई स्कूल कुक्कड़ पिंड

-रिपब्लिक हाई स्कूल जंडियाला

-एनडी विक्टर स्कूल, जालंधर कैंट शिक्षकों को शिक्षा विभाग में लिया जाए

पंजाब एडिड टीचर यूनियन के जिला प्रधान अरविंद नागपाल ने कहा कि शिक्षकों लकी भर्ती न होने की वजह से एडिड स्कूल का भविष्य खतरे में पड़ चुका है। जिले के तीन स्कूल बंद हो चुके है। सरकार की शिक्षकों की भर्ती संबंधी नॉटीफिकेशन स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को मंजूर नहीं। नई भर्ती नहीं हो रही है। कई स्कूल ऐसे है जहा सिर्फ एक शिक्षक रह गए है। सरकार विद्यार्थियों के साथ कर रही सौतेला व्यवहार

यूनियन के स्टेट वाइस प्रेसीडेंट राज कुमार शर्मा ने कहा कि पहले ही सरकार विद्यार्थियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। विद्यार्थियों को सिर्फ मिड डे मील व स्कालरशिप की सुविधा मिल रही है। विद्यार्थियों को न ही वर्दिया, न साइकिल, न मेरिटोरियस स्कूलों में दाखिला दिया जाता है। सरकार की नोटिफिकेशन के चलते मैनेजमेंट 70:30 अनुपात के जरिए भर्ती करने को तैयार नहीं है। सरकार एडिड स्कूल में पढ़ा रहे शिक्षकों को शिक्षा विभाग में लिया जाए।

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