प्रेरणास्रोतः दृढ़ता और समाज सेवा की परिचायक हैं डा. स्वराज ग्रोवर

डा. ग्रोवर बढ़ते अपराध से निपटने के लिए तैयार करके कई परिवारों को उजड़ने से बचा चुकी हैं।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेकों अवार्ड हासिल करने वाली डा. ग्रोवर को राष्ट्रपति अवार्ड के साथ-साथ कई राज्यों के राज्यपालों और केंद्र सरकार से सम्मानित किया जा चुका है।

Pankaj DwivediThu, 07 Oct 2021 11:59 AM (IST)
अमृतसर की डा. स्वराज ग्रोवर की फाइल फोटो

जासं, अमृतसर : पूर्व प्रिंसिपल डा. स्वराज ग्रोवर पुत्री दृढ़ता की परिचायक हैं। उनका कहना है कि आज के समय में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध से निपटने के लिए स्त्री का दृढ़ होना पहली आवश्यकता है। डा. ग्रोवर बढ़ते अपराध से निपटने के लिए तैयार करके कई परिवारों को उजड़ने से बचा चुकी हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेकों अवार्ड हासिल करने वाली डा. ग्रोवर को राष्ट्रपति अवार्ड के साथ-साथ कई राज्यों के राज्यपालों और केंद्र सरकार से सम्मानित किया जा चुका है। वह मध्य प्रदेश शासन से डायरेक्टर प्रिंसिपल के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। साल 1968 में उन्होंने समाज सेवा का काम शुरू किया था, जिसमें टूटे-बिखरे और विवादित परिवारों को जोड़ना शामिल है। वह बताती हैं कि उन्होंने 5000 से अधिक बिखरे परिवारों को मिलाया है, जोकि आज सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। वह अनगिनत बिना दहेज की शादियां करवा चुकी हैं। विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं की शादी करवा कर उन्हें दोबारा बसा चुकी हैं।

यही नहीं अनेकों बाल विवाह रोकने के साथ-साथ सैकड़ों परिवारों में घरेलू हिंसा रोककर उनमें अमन शांति करवा चुकी हैं। उन्होंने सैकड़ों परिवारों को नशे की दलदल से बचाया ही नहीं बल्कि समाज में अनेकों बालिकाओं को अनैतिकता के दलदल से निकालकर उनके जीवन को संवार चुकी हैं। समाज में बढ़ रहे अंधविश्वास को भी रोकने के अलावा भ्रूण हत्या को रोककर कई कन्याओं को जीनेका अधिकार दिला चुकी हैं। यही नहीं कई कन्याओं को न्याय दिलाने के साथ-साथ गरीब परिवारों के बच्चों व महिलाओं को रोजगार प्रशिक्षण देकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना चुकी हैं। वह बताती हैं कि उन्होंने वृद्ध कल्याण व विकलांग कल्याणकारी काम किए हैं।

देह दान भी कर चुकी हैं डा. स्वराज

डा. स्वराज ग्रोवर ने अपनी देह दान भी कर रखी है। वह अनेकों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अध्यात्मिक व सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता निभा चुकी हैं। उन्होंने कभी शासन से एक पैसा नहीं लिया और ना ही कभी किसी व्यक्ति से कल्याणकारी कामों के लिए पैसा लिया है। उनका कहना है कि अंतिम सांस तक समाज कार्य का उनका संकल्प है। उन पर कई पुस्तकें भी लिखी गई है खासकर 20 संस्थाओं ने मिलकर 450 पृष्ठ की सेवा का ‘कीर्ति शिखर- स्वराज ग्रोवर’ नाम से पुस्तक लिखी है। प्रिं. डा. स्वराज ग्रोवर हालैंड , मेलबार्न, सिडनी, श्रीलंका, मारीशस, नेपाल, लंदन, सिंगापुर, मलेशिया, बैंकाक, बर्मा, वा¨शगटन, चाइना, साउथ अमेरिका आदि में जाकर समाज कल्याण का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

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