जालंधर में धमकियों से तंग आकर पार्षद पति अनूप ने चार पेज का सुसाइड नोट लिख फंदा लगाया, अमृतसर के व्यापारियों को बताया जिम्मेदार

Suicide in Jalandhar जालंधर में पार्षद के पति व कांग्रेस नेता अनूप पाठक ने अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना का पता उस समय चला जब अनूप पाठक का बेटा घर पहुंचा। उसने कमरे में जाकर देखा तो पिता फंदे पर लटक रहे थे।

Wed, 29 Sep 2021 01:10 AM (IST)
Suicide in Jalandhar जालंधर के वार्ड-15 की पार्षद राधिका पाठक के पति अनूप पाठक ने लगाया फंदा।

संवाद सहयोगी, जालंधर। Suicide in Jalandhar जालंधर में वार्ड 51 की पार्षद राधिका पाठक के पति व कांग्रेस नेता अनूप पाठक ने मंगलवार बाद दोपहर अपने कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना का पता उस समय चला जब अनूप पाठक का बेटा घर पहुंचा। उसने कमरे में जाकर देखा तो पिता फंदे पर लटक रहे थे। सूचना मिलते ही एसीपी बल¨वदर इकबाल ¨सह काहलों, थाना चार के प्रभारी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। देर शाम पुलिस ने सुसाइड नोट कब्जे में लेकर अनूप पाठक के बेटे कर्ण पाठक के बयानों पर अमृतसर निवासी व्यवसायी इंद्रजीत चौधरी, अमरीक संधू और र¨वदर चौहान के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया।

कर्ण पाठक ने बताया कि उनके पिता का कुछ लोगों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। माडल टाउन में 18 मरले की जगह है जिस पर अमृतसर के व्यवसायी ने कब्जा किया हुआ है। इस बात को लेकर उनका हाईकोर्ट में केस भी चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृतसर निवासी व्यवसायी इंद्रजीत चौधरी, अमरीक संधू व र¨वदर चौहान उनके पिता को धमकियां दे रहे थे। मंगलवार दोपहर बाद वे घर पहुंचे तो पिता कमरे में फंदा से लटक रहे थे। अनूप पाठक अपने पीछे पत्नी राधिका पाठक, बेटे कर्ण व अर्जुन पाठक को छोड़ गए हैं। छह महीने पहले ही पत्नी ने दी थी किडनी अनूप पाठक काफी समय से किडनी की समस्या से जूझ रहे थे। छह महीने पहले उनकी पत्नी राधिका ने एक किडनी उन्हें दी थी। उसके बाद से अनूप अपने घर पर ही रहते थे। वार्ड का सारा काम राधिका व बेटे संभाल रहे थे।

बीमारी की वजह से पाठक तनाव में भी रहते थे। घर आए दो लोगों ने तानी पिस्तौल, वीडियो काल पर मिली थीं धमकियां अनूप पाठक ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसके घर कुछ अज्ञात लोग आए थे जिन्होंने सिर पर पिस्तौल तान जमीन केस में समझौता करने की बात कही थी। उन्होंने लिखा, 'कमिश्नर साब मेरी मौत दा कारण इंद्रजीत चौधरी, अमरीक ¨सधू व एना दा परिवार है। मेरे परिवार नूं दो-तिन साल तों मारण दीआं धमकीयां मिल रही सी, पर मैं एनां गल्लां नूं इग्नौर कर रिहा सी। अज्ज मेरे घर दो अनपछाते लोग आए। मैं आपणे ड्राइंग रूम विच बैठा सी.. मेरे सिर ते रिवाल्वर ला के मैनूं ते परिवार नूं मारण दीआं धमकीयां देण लग गए। जद मैं पुछेआ कि तुसीं कौण तां ओनां वीडियो कॉल करके अमरीक सिंह नाल गल करवाई तो उसने मैनूं बहुत माड़ा-भला केहा तो गालां निकालीयां ते अमरीक संधू ने केहा कि इसनूं ते इसदे परिवार नूं खत्म कर दो, ते मैं बहुत डर गया तो उसनूं केहा कि बैठ के गल कर लैने हां।

अमरीक संधू ने केहा कि तूं जेहड़ी माडल टाउन मकान दा केस हाईकोर्ट विच लग्गा होआ है, उसतों पिछे हट। मैं उसनूं केहा कि जगह मेरे दादे दी है ते उसने जगह मेरे नाम कीती सी ते मैं उसनूं आपणे बेटेआं दे नाम कर दित्ती सी। उसने केहा कि जे सरेंडर कर दे नहीं तां अंजाम बहुत माड़ा होवेगा।' अनूप पाठक पर पहले भी किया गया था जान से मारने का प्रयास सुसाइड नोट में अनूप पाठक ने खुद पर गोली चलाए जाने की बात भी लिखी है। सुसाइड नोट में एक जगह उन्होंने लिखा हुआ है कि इंद्रजीत चौधरी ने उसे धमकी दी है। इक वार तां बच गया सी, तेरे ते गोली चल्ली सी, पर हुण नहीं बचेंगा। तेरी किस्मत चंगी सी पर अगली वार चंगी नहीं होवेगी।

धोखे से सरकारी दस्तावेजों पर दस्तखत करने के लगाए आरोप

सुसाइट नोट में अनूप पाठक ने आरोपितों पर सरकारी दस्तावेजों पर जबरन साइन करवाने के आरोप भी लगाए। पाठक ने लिखा,' मेरे कोलों कुछ सरकारी ते होर पंज-छह आदमी ने लक्खां रुपये समझौते ते दस्तखत वी कराए अंगूठा वी लवाया। मैं इक हिसाब बनाया कि इक कागज ते आपणे नाम ते पैसे लिखवाए ए। मैं कागज रख के भुल गया हां। पर लभण ते कागज मिल जाणगे।' बेटे का आरोप, पिता को विजिलेंस वाले भी करते थे तंग कर्ण पाठक ने आरोप लगाया कि बीते कुछ समय से उक्त लोग जिनके साथ कोर्ट केस चल रहा था, वे सियासी दबाव डलवा रहे थे। इसी दबाव के चलते कई पुलिस कर्मी और विजिलेंस के लोग उनके पिता को झूठे केस में फंसाने की धमकियां देते थे। इस वजह से उसके पिता काफी परेशान रहते थे।

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