Coronavirus Update : जालंधर में ठेका कर्मियों की हड़ताल से सैंपलिंग घटी, कोरोना के तीन नए मामले आए सामने

जालंधर में कोरोना जांच के लिए सेंपलों तथा वैक्सीन के लक्ष्य से सेहत विभाग पिछड़ने लगा है। ओमिक्रोन की दस्तक के बावजूद सेहत विभाग मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। हाई रिस्क देशों से आने वालों लोगों की स्क्रीनिंग भी कमजोर पड़ने लगी है।

Vinay KumarWed, 08 Dec 2021 11:30 AM (IST)
जालंधर में ठेका कर्मियों की हड़ताल के कारण कोरोना की सैंपलिंग में कमी आ गई है।

जागरण संवाददाता, जालंधर। नेशनल हेल्थ मिशन के बैनर तले तैनात ठेका कर्मियों, एनआरडीडीएल कोविड टेस्टिंग लैब के ठेका कर्मी तथा नर्सों की हड़ताल से कोरोना पर काबू पाने के लिए किए जा रहे प्रयास ढीले पड़ने लगे है। कोरोना जांच के लिए सेंपलों तथा वैक्सीन के लक्ष्य से सेहत विभाग पिछड़ने लगा है। ओमिक्रोन की दस्तक के बावजूद सेहत विभाग मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इन हालात में हाई रिस्क देशों से आने वालों लोगों की स्क्रीनिंग भी कमजोर पड़ने लगी है जो भविष्य के लिए कतरे की घंटी बन सकती है।

जिले में मंगलवार को हड़ताल के बावजूद सेहत विभाग की टीमों ने 2832 सैंपल लिए। इनमें 65 सेंपल हाई रिस्क देशों से आए लोगों हैं। वहीं हाई रिस्क देशों से आने वाले लोगों की संख्या 310 तक पहुंच गई है। वहीं तीन युवक कोरोना की चपेट में आए। मरीजों की उम्र 16 से 35 साल तक की है। मरीज जालंधर शहर, खैहरा तथा आलमगीर इलाके से संबंधित है। जिले में किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई। सात मरीज कोरोना से जंग जीत कर घर लौटे।

सेहत विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में ओमिक्रोन की दस्तक से पहले 3000 से 3500 रोजाना थी।

इसके बाद सेहत विभाग ने 4200 सेंपल रोजाना जांच के लिए लक्ष्य रखा है। इसके बाद हड़ताल के चलते सेंपलों की संख्या का ग्राफ गिरना शुरू हो गया है। मंगलवार को 2832 लोगों के सेंपल लिए गए। इनमें 1560 आरटीपीसीआर के भी शामिल हैं। यह जांच के लिए सरकारी मेडिकल कालेज फरीदकोट भेजे जा रहे हैं। हालांकि इनकी रिपोर्ट आने के लिए समय लगेगा। सिविल सर्जन डा. रणजीत सिंह ने कहा कि हड़ताल के दौरान इतने ज्यादा सेंपल होने की संभावना नहीं थी। इसके बावजूद लक्ष्य से ज्यादा सेंपल लेने पर उन्होंने टीम को बधाई के पात्र बताया। उन्होंने कहा कि जिले में हाई रिस्क देशों से आने वाले लोगों की संख्या 310 तक पहुंच गई है। वहीं 65 यात्रियों के सेंपल भेज दिए गए है। फिलहाल किसी को भी कोरोना होने की पुष्टि नही हुई है.

फिर लगी वैक्सीन लगवाने वालों की लंबी लाइनें

एनएचएम के बैनर तले तैनात ठेका कर्मियों की हड़ताल के चलते वैक्सीन का कामकाज भी प्रभावित होने लगा है। इसके बावजूद लोगों में उत्साह बढ़ रहा है और लोग लंबा सफर तय कर वैक्सीन लगवाने के लिए सेंटरों में पहुंच रहे हैं। सेहत विभाग ने बुधवार को श्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर सरकारी छुट्टी की वजह से ज्यादातर सेंटर बंद रखने का फैसला किया है। जिले में हड़ताल के बावजूद 137 सेंटरों में 9009 लोगों को वैक्सीन लगी।

नर्सों व एनएचएम मुलाजिमों की हड़ताल के चलते देहात और शहर के ज्यादातर सेंटरों में वैक्सीन का काम ठप रहा और लोगों को निराश लौटना पड़ा। वहीं सिविल अस्पताल के नर्सिंग स्कूल में वैक्सीन लगवाने वालों की लाइन कैंटिन तक पहुंच गई। सेंटर में 750 के करीब लोगों को वैक्सीन लगी। वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। वैक्सीन लगवाने के लिए आए सुखदेव सिंह का कहना है कि पिछले 20 दिन से दूसरी डोज लगवाने के लिए सेंटरों पर चक्कर लगा रहे हैं। वह नंदनपुर रोड स्थित कालोनी से करीब आठ किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे है। जहां वैक्सीन लगवाने के लिए उन्हें पौने दो घंटे लाइन में खड़े हो कर इंतजार करना पड़ा। 

हड़ताल के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा: डा. राकेश

जिला टीकाकरण अधिकारी डा. राकेश चोपड़ा ने बताया कि हड़ताल की वजह से कामकाज प्रभावित हो रहा है। विभाग के पास डेढ़ लाख के करीब डोज पड़ी है। करीब अढ़ाई लाख लोग ऐसे है जिनका दूसरी डोज लगवाने का समय पूरा हो चुका है। सेंटरों में 98 पीसदी के करीब लोग दूसरे डोज लगवाने के लिए आ रहे है। बुधवार को सरकारी छुट्टी और हड़ताल के चलते ज्यादातर सेंटर बंद रहेंगे। जिले में 14,80,942 पहली डोज तथा 8,67,798 दूसरी डोज लगवा चुके है।

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