ये है तीन पत्नियों वाला शातिर युवक, एक पत्नी जार्जिया मेेें, दूसरी चंडीगढ़ व तीसरी मोगा में, पुलिस मेहरबान

यह है इमीग्रेशन कंपनी का संचालक नवदीप सिंह। यह एक-एक कर तीन युवतियों से शादी रचाकर उन्हें धोखा दे चुका है। एक पत्नी जार्जिया दूसरी चंडीगढ़ व तीसरी मोगा में रह रही है। पुलिस इस पर मेहरबान बनी हुई है।

Kamlesh BhattSat, 19 Jun 2021 05:45 PM (IST)
तीन शादियां रचाने वाले नवदीप सिंह की फाइल फोटो।

मोगा [सत्येन ओझा]। मोगा में एक इमीग्रेशन संचालक ने एक नहीं तीन-तीन शादियां कर ली। एक पत्नी जार्जिया मेेें रहती है, दूसरी सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ में तीसरी अपने साथ मोगा में। तलाक एक से भी नहीं। दूसरी पत्नी को पति की धोखाधड़ी का पता चला तो उसने पति के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन के आरोप में केस दर्ज करा दिया, लेकिन मोगा पुलिस तीन पत्नियों वाले इस पति पर मेहरबान है। 

पुलिस ने धोखाधड़ी के चलते जब आरोपी को पासपोर्ट अदालत ने जब्त कर लिया तो पुलिस ने नए पासपोर्ट के लिए उसे पुलिस क्लीयरेंस सर्टीफिकेट थमा दिया। इसके आधार पर नया पासपोर्ट भी बन गया। दूसरी पत्नी ने इस धोखाधड़ी का भी पर्दाफाश कर डाला तो थाना सिटी-1 पुलिस ने आरोपित पति के खिलाफ धोखाधड़ी व पासपोर्ट एक्ट में एक और केस दर्ज कर लिया, लेकिन अपने ही थाने के उस पुलिस मुलाजिम को बचा लिया जिसने आरोपित पति की पुलिस वेरीफिकेशन में क्लीन चिट दे दी थी।

कौन है पत्नियों का शौकीन

मोगा में इमीग्रेशन सेंटर व जगरांव में मालवा फाइनेंस कंपनी चलाने वाले मोगा के वार्ड संख्या-7 के गोधेवाला छप्पड़ के निकट का निवासी नवदीप सिंह की पहली शादी साल 2006 में अमृतसर के कस्बा तरनतारन के गांव खेड़ा की निवासी युवती से हुई थी। छह साल बाद ही नवदीप सिंह ने उसे तलाक दिए बिना ही चंडीगढ़ की एक युवती से दूसरी शादी साल 2012 में रचा ली। नवदीप की ये अरेंज मैरिज थी।

इस बीच, पति के साथ रहते हुए दूसरी पत्नी को कुछ शक हुआ। उसने अपने स्तर पर पति की छानबीन की तो नवदीप सतर्क हो गया और वह दूसरी पत्नी को लेकर जार्जिया चला गया। जार्जिया में ही नवदीप सिंह ने अपनी पहली पत्नी को भी ये कहकर बुला लिया कि वह उनकी फैमिली फ्रैंड है। पहली पत्नी जार्जिया में नवदीप सिंह की दूसरी पत्नी के साथ ही रही।

थाना सिटी-1 में दर्ज एफआइआर के अनुसार दूसरी पत्नी ने आरोप लगाया है कि नवदीप सिंह ने अपने बिजनेस के लिए उससे पांच लाख रुपये की मांग की थी, जो उसके भाई ने चंडीगढ़ से उसके जार्जिया स्थित बैंक अकाउंट में जमा करा दिए थे। बाद में साल 2014 में नवदीप सिंह व उसकी दूसरी पत्नी वापस मोगा लौट आए। यहां पर दूसरी पत्नी अपने ससुराल में आकर तीन दिन रही। इसी दौरान उसे पहली पत्नी का आधार कार्ड मिल गया, जिसमें पति का नाम नवदीप सिंह लिखा था। इससे दूसरी पत्नी को सब कुछ स्पष्ट हो गया। उसका शक सही निकला। दोनों में विवाद हो गया। उसने अपने पति के खिलाफ चंडीगढ़ के थाना सेक्टर-31 में धोखाधड़ी व बिना तलाक दूसरी शादी रचाने के मामले में केस दर्ज करा दिया। इसी केस के सिलसिले में जेएमआईसी चंडीगढ़ मीनाक्षी गुप्ता ने आरोपित नवदीप सिंह का पासपोर्ट 26 दिसंबर 2014 को अदालत में जमा करा लिया था।

पासपोर्ट के लिए रची साजिश

पासपोर्ट अदालत में जब्त होने के बाद नवदीप सिंह ने जगराओं के सांझ केंद्र में पासपोर्ट गुम होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। उसी रिपोर्ट के आधार पर उसने मोगा में दोबारा नए पासपोर्ट के लिए आवेदन कर दिया। पुलिस ने पासपोर्ट की पुलिस वेरीफिकेशन में आरोपित को क्लीन चिट दे दी, जिससे नवदीप सिंह को दूसरा पासपोर्ट बन गए। इस बीच, उसने मालेरकोटला की एक अन्य युवती से तीसरी शादी रचा ली। गलत सूचना के आधार पर नया पासपोर्ट बनवाने व तीसरी शादी रचाने के मामले में दूसरी पत्नी ने अब मोगा के थाना सिटी-1 में धोखाधड़ी का एक नया मामला दर्ज करा दिया है।

थाना सिटी वन में तैनात एसआइ बग्गा सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता नवदीप सिंह की दूसरी पत्नी चंडीगढ़ के सेक्टर 47 डी में रहती है। उसने एसएसपी को शिकायत दी थी जिसमें आरोप लगाया था कि नवदीप सिंह के खिलाफ धारा 406,420, 495, 498 के तहत मामले थाना सेक्टर 31 चंडीगढ़ में दर्ज था। इसी आरोप में उसका पासपोर्ट चंडीगढ़ की अदालत में जमा है, लेकिन उसने पासपोर्ट गुम होने की गलत सूचना देकर नया पासपोर्ट जारी करा लिया। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने आरोपित नवदीप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी व पासपोर्ट एक्ट में नया मामला दर्ज कर लिया है।

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