गैंगस्टर गोल्डी ने दी थी मोगा के डिप्टी मेयर के भाई नीला की हत्या की सुपारी, चेहरा मिलने पर छोटे भाई पर किया हमला

कनाडा में रह रहे मुक्तसर के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के सुपारी देने पर शार्प शूटर मोनू लखनऊ से दिल्ली होते हुए मोगा पहुंचा था। यहां पर उससे अमृतसर का बदमाश जोधा से 1 दिसंबर की सुबह 5 बजे आकर मिला था। जोधा ने नीला के घर की रेकी की थी।

Pankaj DwivediThu, 02 Dec 2021 07:57 PM (IST)
गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने डिप्टी मेयर के भाई जतिंदर नीला की हत्या की सुपारी दी थी। सांकेतिक चित्र।

जागरण संवाददाता, मोगा। नगर निगम के डिप्टी मेयर अशोक धमीजा के भाई व भतीजे पर जानलेवा हमला करने वाला शार्पशूटर मोनू डागर हरियाणा का इनामी बदमाश है। उसे कनाडा में बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने डिप्टी मेयर के भाई जतिंदर नीला की हत्या की सुपारी दी थी। बराड़ यूथ कांग्रेस नेता गुरलाल पहलवान हत्याकांड में भी नामजद है। नीला का चेहरा अपने भाई सुनील कुमार उर्फ सोनू से काफी मिलता है, इसी गलतफहमी में बदमाशों ने गोली नीला के बजाय सोनू व उसके बेटे प्रवेश पर चला दी। शार्प शूटर बेहद खतरनाक इरादे के साथ पहुंचे थे, पकड़े गए अमन डागर से 18 कारतूस, दो मैगजीन बरामद की गई हैं।

सुपारी देने के पीछे का सच नहीं आया सामने

एसएसपी एसएस मंड ने वीरवार को कुख्यात शार्प शूटर की आपराधिक दुनिया का राजफाश किया। ये पूछे जाने पर कि आखिर नीला को सुपारी देने के पीछे मकसद क्या था, एसएसपी ने बताया कि मोनू को सिर्फ टारगेट की जानकारी दी गई थी। गोल्डी नीला की हत्या क्यों कराना चाहता था, इसकी जानकारी उसे नहीं थी। जांच में ये स्पष्ट हो गया है कि मोनू कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य है। उस पर हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में हत्या, डकैती, जानलेवा हमला व एनडीपीएस एक्ट जैसे संगीन मामलों में दस देस दर्ज हैं।

अमृतसर के राणा कंदोवालिया की हत्या में भी वांछित

गैंगस्टर मोनू हाल ही में 4 अगस्त को अमृतसर में हुई राणा कंदोवालिया के हत्या मामले में भी वांछित है। ये हमला गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई व बंबीहा गैंग के बीच गैंगवार का नतीजा था। कनाडा में रह रहे मुक्तसर के गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के सुपारी देने पर शार्प शूटर मोनू लखनऊ से दिल्ली होते हुए मोगा पहुंचा था। यहां पर उससे अमृतसर का बदमाश जोधा से 1 दिसंबर की सुबह 5 बजे आकर मिला था। जोधा ने पहले नीला के घर की रेकी की थी।

एसएसपी एसएस मंड ने बताया कि जोधा के बारे में भी मोनू को कुछ नहीं बताया गया था। मोगा पहुंचने से पहले उसे सिर्फ इतना ही बताया गया था कि फिरोजपुर रोड पर उसे एक युवक मिलेगा और हथियार देगा। जोधा से मिलने के बाद जब मोनू को पिस्तौल मिल गई तो दोनों मोटरसाइकिल पर सवार होकर वारदात को अंजाम देने निकल पड़े।

सीसीटीवी फुटेज में बाइक का नंबर ट्रेस नहीं हो सका

जानलेवा हमले के दौरान सुनील धमीजा ने साहस दिखाते हुए मोनू को पकड़ लिया था। वह घायल होने के बाद भी उसे पकड़े रहे, बाद में भीड़ का सहयोग मिला तो दूसरा बदमाश जोधा मौके से अपनी मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में मोटरसाइकिल का नंबर ट्रेस नहीं हो सका है, लेकिन पुलिस ने जोधा के निवास का पता लगा लिया है। मोनू को पुलिस ने बुधवार को ही अस्पताल से डिस्चार्ज करा लिया था।

मोनू पर ये केस दर्ज

हरियाणा के थाना मुरथल में 24 मार्च 2019 को आर्म्स एक्ट, मुरथल में ही 5 जून 2015 को लूट व आर्म्स एक्ट में, हरियाणा के थाना बरोटा में 10 जुलाई 2015 को हत्या, मुरथल में ही 14 जुलाई को जानलेवा हमला, 26 जून 2018 को जानलेवा हमला व आर्म्स एक्ट, सोनीपत के थाना सदर में 2019 में लूट का, अमृतसर जिले के मजीठा रोड थाने में साल 2012 में हत्या, अंबाला में साल 2019 में जानलेवा हमला, चंडीगढ़ के थाना सेक्टर-26 में 2019 में आम्र्स एक्ट में, मोगा के थाना सिटी-1 में जानलेवा हमला व एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज हैं।

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