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नेताओं को याद आईं बुलेट प्रूफ गाड़ियां, 40 लाख रुपये तक खर्च कर तैयार हो रहे वाहन

नेताओं को याद आईं बुलेट प्रूफ गाड़ियां, 40 लाख रुपये तक खर्च कर तैयार हो रहे वाहन

चुनाव में सुरक्षा की सबसे ज्यादा चिंता उत्तर प्रदेश व जेएंडके के नेताओं को है। यही वजह है कि यहां के दो दर्जन से ज्यादा नेताओं ने बुलेट प्रूफ गाड़ियों के ऑर्डर दिए हैं।

Kamlesh BhattFri, 05 Apr 2019 08:11 PM (IST)

जालंधर [मनोज त्रिपाठी]। जालंधर-पठानकोट हाईवे के किनारे स्थापित लग्गर इंडस्ट्रीज लिमिटेड में दिन-रात कारीगर काम में जुटे हैं। जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही है वैसे-वैसे कारीगरों व इंडस्ट्री के डायरेक्टर के माथे की लकीरें खिंचती जा रही हैं। मामला है चुनाव को लेकर इंडस्ट्री को मिले बुलेट प्रूफ गाड़ियों के ऑर्डर तय समय पर तैयार करके उनकी डिलीवरी का है। चुनाव में सुरक्षा की सबसे ज्यादा चिंता उत्तर प्रदेश व जेएंडके के नेताओं को है। यही वजह है कि यहां के दो दर्जन से ज्यादा नेताओं ने बुलेट प्रूफ गाड़ियों के ऑर्डर दिए हैं। बाकी राज्यों में राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, आंघ्र प्रदेश, महाराष्ट्र व हरियाणा शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश के तीन मंत्रियों ने भी बुलेट प्रूफ गाडिय़ां तैयार करवाई हैं। बुलेट प्रूफ गाड़ियों को तैयार कर रहे रवि यादव बताते हैं कि फिलहाल तो छह माह से दिन-रात काम चल रहा है। क्वालिटी में कंपनी की तरफ से कोई समझौता नहीं किया जाता है। कंपनी के डायरेक्टर संचित बताते हैं कि छह लाख से लेकर 40 लाख रुपये तक में एक बुलेट प्रूफ एसयूवी तैयार की जा रही है।

एसयूवी या कारों को बुलेट प्रूफ बनाने में लगने वाली राशि

एक साल पहले से ही तमाम नेताओं ने दे दिए थे ऑर्डर

उत्तर प्रदेश व बिहार के नेताओं ने एक साल पहले ही बुलेट प्रूफ एसयूवी बनाने के ऑर्डर दे दिए थे। शुक्रवार को गाड़ियों को तैयार करने वाली कंपनी द्वारा अपने रिकार्ड चेक करने के दौरान इसका पता चला। ज्यादातर ऑर्डर नेताओं से संबंधित ही हैं। कंपनी की तरफ से इनकी जानकारी भी संबंधित व्यक्ति को भेज दी गई है।

क्या है बुलेट प्रूफ गाडिय़ां तैयार करवाने की प्रक्रिया

कोई भी बुलेट प्रूफ गाडिय़ां तैयार करवा सकता है। इसके लिए गाड़ी संबंधित व्यक्ति के नाम पर होनी चाहिए। जिसकी गाड़ी है उसे केवल बुलेट प्रूफ गाड़ी बनाने के लिए यह तय करना होता है कि गाड़ी में क्या-क्या बुलेट प्रूफ करवाना है। इसके बाद उक्त गाड़ी की डिटेल सुरक्षा एजेंसीज को दे दी जाती है, जिससे कहीं उक्त गाड़ी का इस्तेमाल देश की सुरक्षा के खिलाफ न किया जा सके।

एके-47 व बम विस्फोट से सुरक्षा के लिए अलग-अलग प्रकार से बनती हैं गाडिय़ां : सोबती

लग्गर इंडस्ट्री के डायरेक्टर संचित सोबती ने बताया कि बुलेट प्रूफ गाडिय़ां तैयार करने के लिए उसे तैयार करवाने वाले को ही बताना होता है कि वह कैसा मैटेरियल इस्तेमाल करवाना चाहता है। पिस्टल की गोली, एके-47 की गोली, एसएलआर या किस प्रकार के विस्फोटक से सुरक्षा चाहिए, उसी प्रकार का मैटेरियल इस्तेमाल किया जाता है।

आतंकवाद के दौर में केपीएस गिल ने स्थापित करवाई थी इंडस्ट्री

सोबती बताते हैं कि आतंकवाद के दौर में तत्कालीन डीजीपी केपीएस गिल ने सबसे पहले यह सोचा था। उसके बाद उन्होंने संदीप सोबती से बात की। उस समय सोबती इंडस्ट्री स्टील का कारोबार करती थी। गिल के आइडिया पर इंडस्ट्री ने खुद को बुलेट प्रूफ गाडिय़ां बनाने की दिशा में मोड़ा और आज देश के विभिन्न हिस्सों से लेकर विदेश तक में यहां से बुलेट प्रूफ गाडिय़ां तैयार करके सप्लाई की जा रही हैं।

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