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पठानकोट बाईपास के पास प्लाटों में मिली खून से लथपथ पट्टियां, टूटे प्लास्टर व सूईयां, लोगों में दहशत

जालंधर, जेएनएन। कोरोना काल में पठानकोट बाईपास चौक के निकट निजी अस्पतालों के आसपास खाली पड़े प्लाटों में बायो मेडिकल वेस्ट मिलने से लोगों में हड़कंप मचा है। मामले को लेकर पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड भी गंभीर नहीं है। पठानकोट बाईपास चौक के पास चार-पांच छोटे बड़े निजी अस्पताल हैं।

अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के चलते खाली प्लाटों में खून से लथपथ पट्टियां, टूटे प्लास्टर, ग्लूकोज की बोतल, सूईयां व अस्पताल से निकलने वाला कचरा बिखरा हुआ है। इलाका निवासियों ने आसापास के अस्पतालों में संपर्क किया, परंतु सभी ने पल्ला झाड़ दिया।

अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि उनके अस्पताल का बायोमेडिकल वेस्ट उनके अस्पताल से निजी कंपनी उठा कर लेती जाती है। वहीं पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में उन्हें कोई शिकायत नहीं मिली है इसके बावजूद मौके पर टीम भेज कर जांच करवाएंगे।

 

कैंट क्षेत्र में कोरोना का खतरा, कई इलाके सील

कैंट में सेना के जवान कोरोना पॉजिटिव पाए जाने को लेकर जहां सैनिकों में हड़कंप है, वहीं कैंट के लोग भी भयभीत हैं। कैंट के सिविल एरिया में तो कोई पॉजिटिव केस नहीं है, लेकिन सेना में कोरोना संक्रमितों की संख्या 42 होने के बाद लोगों में डर है। इसी के चलते कई इलाकों को सील कर दिया गया है। सेना में कोरोना फैलने का कारण महाराष्ट्र व राजस्थान से छुट्टी काटकर लौटे जवानों को भी बताया जा रहा है।

दरअसल, महाराष्ट्र, राजस्थान में छुट्टी पर गए जवानों को भारत-चीन सीमा पर फैले तनाव के चलते वापस बुला लिया था। यहां इनका मेडिकल चेकअप भी नहीं किया गया। सेना ने सिविल क्षेत्र को चार माह पहले आउट ऑफ बोर्ड कर दिया था और सख्त हिदायतें दी थीं कि कोई भी जवान सिविल एरिया में खासकर बाजारों में नहीं घुसेगा। इसी वजह से सिविल एरिया सुरक्षित है और सेना में कोरोना फैल रहा है।

 

 

 

 

 

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