रोजाना लाखों रुपये का रेवेन्यू, सुविधा के नाम पर टूटी कुर्सियां

रोजाना लाखों रुपये का रेवेन्यू, सुविधा के नाम पर टूटी कुर्सियां

रोजाना करोड़ों रुपये की प्रापर्टी की रजिस्ट्री कर सरकार को लाखों रुपये का रेवेन्यू देने वाले सब रजिस्ट्रार कार्यालय की हालत बदतर हो चुकी है।

JagranFri, 05 Mar 2021 02:20 AM (IST)

शाम सहगल, जालंधर : रोजाना करोड़ों रुपये की प्रापर्टी की रजिस्ट्री कर सरकार को लाखों रुपये का रेवेन्यू देने वाले सब रजिस्ट्रार कार्यालय की हालत बदतर हो चुकी है। सब रजिस्ट्रार के आफिस के बाहर बने वेटिग हाल में लगाई गई कुर्सियां दम तोड़ चुकी हैं, जो सुविधा के बजाय दुविधा का कारण बन चुकी हैं। वहीं, कार्यालय में बना शौचालय बीमारियों को दावत दे रहा है। कारण, यहां पर लंबे अर्से से सफाई ही नहीं की गई है। इसके अलावा फर्श से लेकर छत तक यह शौचालय पूरी तरह से खस्ता हो चुका है। खास बात यह है कि स्वच्छ भारत मुहिम का नारा देने वाले जिला प्रशासन के अहम हिस्से को लेकर विभाग भी उदासीन है। लोहे की कुर्सियां फाड़ रहीं कपड़े

सब रजिस्ट्रार आफिस के बाहर बने वेटिग हाल में लोहे की पाइप वाली कुर्सियां लगाई गई थीं। इनमें से 50 फीसद कुर्सियां दम तोड़ चुकी हैं। किसी कुर्सी के हैंडल टूटे हुए हैं तो किसी की पीठ वाली साइड टूटी चुकी है। यही कारण है कि कई बार गलती से जब लोग इस पर बैठने की कोशिश करते हैं, तो उनके कपड़े तक फट रहे हैं। खस्ता हुए शौचालय, दरवाजे भी टूटे

सब रजिस्ट्रार आफिस का शौचालय खस्ता हो चुका है। शौचालय में लंबे समय से सफाई नहीं की गई है। शौचालय की छत से सीमेंट गिर रहा है। शौचालय में दरवाजे ही नहीं हैं। वहीं शोचालय में बनी सीट में पानी की व्यवस्था भी नहीं है। जिससे रजिस्ट्री करवाने के लिए आ रहे लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। प्रस्ताव भेजा गया है, जल्द होगा कार्य

सब रजिस्ट्रार लखविदरपाल सिंह गिल ने कहा कि फर्नीचर तथा शौचालय के सुधार को लेकर प्रस्ताव भेजा जा चुका है। जल्द ही यहां पर तमाम तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

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