अनिकेत हत्याकांड : जालंधर पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पांच दिन बाद भी कोई आरोपित गिरफ्तार नहीं

जालंधर के बस स्टैंड पर गोली मारकर हुई युवक अनिकेत की हत्या के मामले में पुलिस पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। पुलिस के हाथ अभी तक एक भी आरोपित नहीं लगा है। स्वजनों का आरोप है कि छापामारी के नाम पर पुलिस सिर्फ खानापूर्ति कर रही है।

Vinay KumarTue, 30 Nov 2021 10:23 AM (IST)
जालंधर में अनिकेत हत्याकांड में पुलिस के हत्थे अभी एक भी आरोपित नहीं चढ़ा है।

संवाद सहयोगी, जालंधर। जालंधर के बस स्टैंड पर बीते वीरवार रात 9:30 बजे के करीब गोली मारकर हुई युवक अनिकेत की हत्या के मामले में पुलिस पर सवालिया निशान लगने लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस छापामारी पांच दिन बाद भी आरोपित संदीप कुमार उर्फ रिंकू और बिल्ला को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। छापामारी के नाम पर पुलिस सिर्फ खानापूर्ति कर रही है और आरोपितों को पकड़ने की बजाए हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

इस मामले में थाना छह के प्रभारी सुरजीत सिंह का कहना था कि उन्होंने आरोपितों की तलाश में कई जगह पर छापेमारी की लेकिन दोनों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा। उन्होंने बताया कि परिजनों को भी थाने बुलाया गया था लेकिन वो भी घरों को ताले लगा कर गायब हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने रिंकू और बिल्ला के रिश्तेदारों पर भी दोनों की पेश करने का दबाव बनाया लेकिन अभी तक उन्होंने भी उनके बारे में कोई सुराग नहीं दिया है। पुलिस ने मृतक के रिश्तेदार कवि के बयानों पर मामला दर्ज किया था। सोमवार को पुलिस ने कई संदिग्धों को राउंडअप कर उनसे पूछताछ की।

थाना प्रभारी सुरजीत सिंह ने बताया कि दोनों की तलाश में आसपास के शहरों में भी छापेमारी की गई है। कई संदिग्ध लोगों को भी राउंडअप किया गया है लेकिन उनके पास से भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी। वर्णनयोग्य है कि बीते दिनों बस स्टैंड के पास कुछ लोगों ने 19 वर्षीय अनिकेत की गोली मार कर हत्या कर दी थी। अनिकेत के रिश्तेदार रवि के बयानों पर रिंकू, बिल्ला सहित छह लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया था।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.