सस्पेंस से पर्दा उठते ही घिरे विधायक इंद्रबीर सिंह बुलारिया, पढ़ें अमृतसर की और भी रोचक खबरें

विधायक इंद्रबीर सिंह बुलारिया पिछले दिनों खासे चर्चा में रहे। 7 सितंबर को धमाका करने के बोर्ड लगवाकर जनाब ने सस्पेंस बना दिया। सस्पेंस से पर्दा उठा तो उसमें से अमृतसर लिटिल चैंप्स कांटेस्ट निकला। इसके बाद वह लोगों के निशाने पर आ गए और उन्हें स्पष्टीकरण तक देना पड़ा।

Pankaj DwivediWed, 15 Sep 2021 07:01 AM (IST)
अमृतसर दक्षिण के विधायक इंद्रबीर सिंह बुलारिया की फाइल फोटो।

विपिन कुमार राणा, अमृतसर। विधानसभा हलका दक्षिण के विधायक इंद्रबीर सिंह बुलारिया पिछले दिनों खासे चर्चा में रहे। 7 सितंबर को धमाका करने के बोर्ड लगवाकर जनाब ने सस्पेंस बना दिया। लोग कयास लगाने लगे कि इंद्रबीर कोई सियासी धमाका करेंगे या फिर हलके को लेकर कोई बड़ा काम होगा। जब सस्पेंस से पर्दा उठा तो उसमें से अमृतसर लिटिल चैंप्स कांटेस्ट निकला। उसके बाद इंटरनेट मीडिया पर लोगों ने खूब कमेंट करते हुए विधायक इंद्रबीर बुलारिया को घेरा। विपक्षी नेताओं ने भी तंज कसे। आखिर उन्हें अगले दिन फेसबुक पर लाइव होकर कहना पड़ा कि उन्होंने कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए यह कांटेस्ट लांच करवाया है ताकि बच्चों के वीडियो से लोगों को वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। सियासी गलियारों में यही चर्चा है कि अगर वैक्सीनेशन के लिए ही प्रोत्साहित करना था तो फिर इसमें सस्पेंस रखने की क्या जरूरत थी।

जनाब ड्यूटी तो निगम की थी

सावन में चाहे लोग बारिश के लिए तरसते रहे हों पर हाल ही में हुई भारी बरसात ने पूरा शहर जलमग्न कर दिया। सीजन की पहली भारी बारिश ने हालात यह बना दिए कि सड़कों पर दो फीट तक जलभराव होने के साथ ट्रैफिक जाम के हालात बन गए। ऐसे में पुलिस कमिश्नर विक्रम जीत दुग्गल बारिश में नंगे पैर सड़क पर उतरे और ट्रैफिक क्लीयर करवाया। इंटरनेट मीडिया पर यह वीडियो वायरल हुआ तो उन्हें शहरवासियों से खूब वाहवाही मिली। हालांकि लोगों ने निगम तंत्र और अधिकारियों को भी कोसा। लोगों ने कमेंट किए कि सीपी ने दायित्व निभा दिया, पर जिस निगम का सबसे ज्यादा खर्च आपरेशन एंड मेंटेनेंस पर होता है, उसके तो सीवरेज सफाई के दावे धरे रह गए। हेरिटेज स्ट्रीट से पानी निकलवाकर निगम वाहवाही ले रहा है पर मोहल्लों में जो हालात बने हैं, उसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

अब सुपरफास्ट ने ली माझा एक्सप्रेस की जगह 

कांग्रेस की माझा एक्सप्रेस खासी मशहूर रही है। इनमें कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा और सुखबिंदर सिंह सुखसरकारिया शामिल हैं। पूरी सरकार में माझा एक्सप्रेस ने काम किया परंतु जैसे ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से इनकी अनबन हुई माहौल बदल गया। माझा एक्सप्रेस ने एरिया के लिए क्या मामले उठाए और क्या लेकर आए, इस पर सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है। कांग्रेस गलियारों में तो चुटकी ली जा रही है कि माझा एक्सप्रेस की जगह अब सुपरफास्ट ने ले ली है। सांसद गुरजीत औजला के नेतृत्व में यह काम भी कर रही है और इसके परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं। एरिया का हर मामला सरकार तक पहुंच रहा है और बाकायदा उसकी मानिटरिंग भी हो रही है। अगर सुपरफास्ट चली तो कांग्रेस के लिए अगले विधानसभा चुनाव में हालात कुछ बेहतर हो सकेंगे।

भाजपा का बड़ा प्लान...

किसानों के मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़े विकट हालात पैदा हो गए हैं। उनके कार्यक्रमों का विरोध हो रहा है और वर्करों का फील्ड में जाना मुश्किल है। ऐसे में पहली बार पंजाब में प्रभारी व सह-प्रभारियों की फौज ने वर्करों में उत्साह का संचार किया है। प्रभारी व सह-प्रभारी के तौर पर लगाए गए तीन मंत्रियों और एक सांसद को देखते हुए भाजपाई गलियारे में चर्चा है कि चाहे अभी तक भाजपा साइलेंट मोड पर है पर जिस तरह ये नियुक्तियां हुई हैं, निश्चित ही पार्टी का कोई बड़ा प्लान है। ऐसे में अब वह लोग भी परेशान हैं जो हाल ही में भाजपा छोड़ चुके हैं। भाजपा की प्लानिंग क्या है, यह तो भविष्य के गर्भ में है पर इन नियुक्तियों ने चुनावी सुगबुगाहट को तेज कर दिया है।

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