Punjab Politics: विधानसभा चुनाव से पहले हरसिमरत ने शुरू की ‘सियासी डिजाइनिंग’, नए अंदाज में आरंभ किया चुनावी अभियान

सक्रिय राजनीति में आने के बाद 12 साल के सियासी करियर में पहली बार अपने हलके बठिंडा से बाहर निकलकर चुनावी अभियान की डिजाइनिंग करने और उसमें नए रंग भरने की शुरुआत की है। महिलाओं बच्चों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच वह आत्मविश्वास से लबरेज नजर आईं।

Pankaj DwivediFri, 22 Oct 2021 01:52 PM (IST)
जालंधर दौरे के दौरान कैंट में चूड़ियों की खरीदारी करती हुईं हरसिमरत कौर बादल। फोटो- ट्विटर

मनोज त्रिपाठी, जालंधर। टेक्सटाइल डिजाइनिंग एक्सपर्ट सांसद हरसिमरत कौर बादल ने सक्रिय राजनीति में आने के बाद 12 साल के सियासी करियर में पहली बार अपने हलके बठिंडा से बाहर निकलकर चुनावी अभियान की 'डिजाइनिंग' करने और उसमें नए रंग भरने की शुरुआत की है। बुधवार को वह पूरे दिन जालंधर में रहीं तो अगले दिन उन्होंने लुधियाना का रुख किया। हरसिमरत को पहली बार लोगों व पार्टी कार्यकर्ताओं ने नए रुप में देखा। महिलाओं के साथ कैंट बाजार में चू़ूड़ियां खरीदने से लेकर धार्मिक स्थलों तक उन्होंने हर किसी के सामने भाजपा से अलग हुए अकाली दल की तस्वीर पेश की।

जालंधर पहुंची हरसिमरत के साथ यहां की महिलाओं ने न केवल सेल्फी ली बल्कि खरीदारी करती नजर आईं। इन महिलाओं ने अपने बीच से एक ऐसे चेहरे को देखा जो अभी तक मीडिया में ही नजर आता था और अब सारे फासले मिटाकर उनके बीच था। वहीं हरसिमरत ने खुद को पार्टी की छोटी सी कार्यकर्ता बताकर कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ाया।

जालंधर में हरसिमरत आत्मविश्वास से लबरेज दिखाई दीं। उन्होंने पंजाब की सशक्त महिला नेताओं को सियासी बयानबाजी में पीछे छोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मीडिया के सवालों के जवाब उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ दिए और विरोधियों को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक सवाल के जवाब में कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की नई पार्टी बनाकर भाजपा से गठबंधन करने के एलान से साफ हो गया है कि कैप्टन और भाजपा पहले से ही मिले हुए थे। उन्होंने कहा कि कैप्टन की बिल्ली अब थैले से बाहर आ गई है। लुधियाना में उन्होंने दिल्ली के सीएम और आप नेता अरविंद केजरीवाल को बरसाती मेंढक बताया और कहा कि वे पंजाब के लोगों को बरगलाने में लगे हुए हैं। 

हरसिमरत ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने कैप्टन को जिताने में मदद की थी। कैप्टन ने अपनी पार्टी बनाकर भाजपा के साथ गठबंधन करने की संभावना जता कर पंजाबियों की पीठ में छुरा घोंपा है। कैप्टन ने ही काले कानून तैयार करने में केंद्र की मदद की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कैप्टन के खिलाफ कोई कदम नही उठाया जबकि अन्य राज्यों के गैर भाजपा मुख्यमंत्रियों को हमेशा निशाना बनाते रहे हैं। हरसिमरत ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पहले कैप्टन भाजपा के इशारे पर नाचते थे और अब चन्नी भी भाजपा के साथ मिल गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चन्नी ने पंजाब के लगभग आधे हिस्से को बीएसएफ के हवाले कर केंद्र की पंजाब विरोधी नीतियों का साथ दिया है।

महिलाओं से लेकर बच्चों व पार्टी कार्यकर्ताओं से साधा संपर्क

सक्रिय राजनीति में आने के बाद 12 साल में पहली बार अपने हलके ब¨ठडा से बाहर निकलकर जालंधर पहुंची सासंद हरसिमरत कौर बादल ने चुनावी अभियान के साथ बुधवार को करवा चौथे की खुशियों में भी रंग भरा। जालंधर कैंट के बाजार में उन्होंने चू़ूड़ियां खरीदीं और महिलाओं के साथ सेल्फी लेकर उन्हें करवा चौथ की बधाई दी।

कुंडली बार्डर पर हत्या के मामले की जांच हो

कुंडली बार्डर पर लखबीर सिंह की हत्या को लेकर हरसिमरत ने कहा कि अकाली दल बेअदबी की किसी भी घटना की कड़ी निंदा और इस मामले में गहन जांच की मांग करता है। उन्होंने कहा कि यह पता चला है कि आर्थिक रूप से कमजोर लखबीर नशीली दवाओं का सेवन करता था। वह कुंडली बार्डर कैसे पहुंचा इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश से करवाई जानी चाहिए।

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