किसानों ने केंद्र सरकार को कोसा, किया प्रदर्शन

किसानों ने केंद्र सरकार को कोसा, किया प्रदर्शन

कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ चल रहे गढ़शंकर में धरना शनिवार को 199 वें दिन में शामिल हो गया।

JagranSat, 17 Apr 2021 11:28 PM (IST)

संवाद सहयोगी, गढ़शंकर

कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ चल रहे गढ़शंकर में धरना शनिवार को 199 वें दिन में शामिल हो गया। शनिवार को इस धरने की अध्यक्षता सोहन सिंह मोहनोवाल ने की। जिसमें कुल हिद किसान सभा के प्रादेशिक उपाध्यक्ष कामरेड दर्शन सिंह मट्टू, किसान नेता प्रेम सिंह राणा ने कहा कि केंद्र सरकार कारपोरेट घरानों के पक्ष में कानून बना रही है।

उन्होंने कहा कि भारत में पहले से ही लोग कुपोषण का शिकार हैं और तीस प्रतिशत बच्चों का भार कम है। सरमाएदारों को पता है हर व्यापार में घाटा पड़ सकता है, लेकिन अनाज के व्यापार में नहीं पड़ सकता। उन्होंने कहा कि देश के 22 प्रदेशों में संघर्ष चल रहा है। यह संघर्ष तीनों कानूनों को रद करने, एमएसपी की कानूनी गारंटी देने और दो कानून वापिस लेने तक जारी रहेगा। जनवादी स्त्री सभा की नेत्री बीबी सुभाष मट्टू ने कहा कि महिलाए हर तरह से किसानी संघर्ष में साथ है और जीत तक डटी रहेगी। इस दौरान गोल्डी सिंह पनाम, सुरजीत सिंह कुल्लेवाल, प्रेम सिंह राणा, सोहन सिंह मोहनोवाल, जोरा सिंह रामगढ़, हवालदार चन्नण सिंह गढ़शंकर, जसविदर सिंह, जोगिद्र सिंह देनोवाल खुर्द, गुरप्रीत सिंह काला, राम लुभाया, चमन लाल, पिदर पाल बोड़ा, गुरमेल सिंह कलसी, रणजीत सिंह पप्पू, सोहन सिह आदि मौजूद थे। केंद्र के इशारे पर किसानों को तंग कर रही कैप्टन सरकार

पहले पंजाब के किसानों को केंद्र की भाजपा सरकार ने कृषि सुधार कानून लाकर धक्का किया है और मजबूर होकर देश के किसान पिछले छह माह से दिल्ली धरने पर बैठे हुए हैं। पर केंद्र सरकार इसका कोई हल नहीं कर रही और न ही किसान उनके साथ कोई बातचीत कर रही है। अब पंजाब की कैप्टन सरकार केंद्र सरकार के इशारे पर जानबूझ कर किसानों को मंडियों में तंग कर रही है। उक्त विचार रणधीर सिंह कोर कमेटी मैंबर यूथ अकाली दल पंजाब प्रधान रामगढि़या सिक्ख आर्गेनाइजेशन ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ कैप्टन सरकार ने छलावा किया है, मंडियों में कोई गेहूं की खरीद का पुख्ता प्रबंध नहीं है और दावे बड़े-बड़े किए जा रहे हैं। इन हालातों में किसान मंडियों में परेशान हो रहा है। कुल मिलाकर अब कैप्टन सरकार का किसान विरोधी चेहरा लोगों के सामने आ चुका है। न सरकार के पास बारदाना है न ही मौके पर अदायगी की जा रही है, किसान परेशान है। अकाली दल यूथ सरकार से मांग करता है कि गेहूं की खरीद सही ढंग से की जाए नहीं तो आने वाले दिनों में कैप्टन सरकार के खिलाफ संघर्ष किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी कैप्टन सरकार की होगी।

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