पराली संभालने की तकनीकों के विचार सांझे किए

पराली संभालने की तकनीकों के विचार सांझे किए
Publish Date:Mon, 26 Oct 2020 03:18 PM (IST) Author: Jagran

जेएनएन, होशियारपुर,

कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बाहोवाल की ओर से कृषि विभाग के सहयोग से पराली प्रबंधन संबंधी गांव फिरोज रोलियां में प्रशिक्षण कोर्स का आयोजन किया गया। केंद्र के डिप्टी डायरेक्टर डा. मनिदर सिंह बौंस ने बताया कि इस वर्ष भी पराली को आग न लगाने के बारे में केवीके द्वारा विशेष प्रयास कर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।

कार्यक्रम की शुरुआत में कृषि ब्लाक अधिकारी ब्लाक टांडा डा. हरप्रीत सिंह ने धान की पराली को आग लगाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। गेहूं की काश्त के जरूरी पहलू भी बताए।

डा. मनिदर सिंह बौंस ने खेतों में पराली संभालने के अलग-अलग तकनीकों के जरूरी पहलुओं के बारे में विचार सांझे किए। धान की पराली प्रबंधन संबंधी मशीनरी की उत्तम कार्यकुशलता संबंधी परिचित करवाया। कृषि अधिकारी डा. सतनाम सिंह ने अलग-अलग विभागीय योजनाओं के बारे में किसानों को परिचित करवाया। सहायक प्रोफेसर (पौध सुरक्षा) डा. प्रभजोत कौर ने मधुमक्खी पालन संबंधी तकनीकी जानकारी सांझा की। जसबीर सिंह जज ने खेतों में धान की पराली के सुचारू प्रबंधन के लिए उलटावे हल के प्रयोग के बारे में विधि प्रदर्शन भी किया। प्रशिक्षण कोर्स में उपस्थित प्रगतिशील किसानों अमरजीत सिंह, सुरजीत सिंह, जसबीर सिंह, रविदर सिंह, इंदर सिंह नामधारी ने भी पराली प्रबंधन संबंधी अपने सफल तजुर्बे सांझे किए।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.