शहर के बाजारों में अतिक्रमण के कारण लोग परेशान

नगर निगम की ओर से अतिक्रमण पर नकेल कसने के लिए शहर के बाजारों में दुकानों के आगे येलो लाइन लगाई गई थी व दुकानदारों से येलो लाइन के बाहर सामान न लगाने की ताकीद की गई थी।

JagranMon, 21 Jun 2021 07:56 PM (IST)
शहर के बाजारों में अतिक्रमण के कारण लोग परेशान

वरिदर बेदी, होशियारपुर

नगर निगम की ओर से अतिक्रमण पर नकेल कसने के लिए शहर के बाजारों में दुकानों के आगे येलो लाइन लगाई गई थी व दुकानदारों से येलो लाइन के बाहर सामान न लगाने की ताकीद की गई थी। शुरू में तो येलो लाइन का असर देखने को मिला मगर उसके बाद दुकानदारों ने इस रेखा को पार कर आगे तक सामान लगाना शुरू कर दिया जिस पर निगम ने भी ध्यान देना कम कर दिया। नतीजा यह हुआ कि दावों के बावजूद शहर के बाजार अतिक्रमण से मुक्त नहीं हो पाए। कोई सड़क या बाजार ऐसा नहीं है जहां अतिक्रमण की समस्या से दो चार नहीं होना पड़ता। हालांकि पिछले दिनों दैनिक जागरण से बात करते हुए नगर निगम के मेयर सुरिदर कुमार छिदा ने टीम भेजकर चेकिग करने के लिए कहा था लेकिन पड़ताल को अभी तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। शहर में हर जगह अतिक्रमण की स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। जब निगम का अतिक्रमण हटाओ दस्ता बाजार में निकलता है तो थोड़ी देर शहर की सड़कें चौड़ी नजर आती हैं और दस्ते के जाते ही फिर वही हालात हो जाते हैं। वहीं चालान करते वक्त भी निगम अधिकारी पक्षपात करते नजर आते हैं क्योंकि दुकानदार रसूखदार होने पर कार्रवाई में ढील बरती जाती है।

कब्जों से बाजार बेजार

अतिक्रमण से शहर के बाजार सिकुड़ कर रह गए हैं। शहर का कोई इलाका ऐसा नहीं है जो अतिक्रमण का दंश न झेल रहा हो। इसके कारण सड़कें व गलियां तंग होने से वाहन लेकर गुजरना तो दूर पैदल चलना ही मुश्किल हो जाता है। बीस से पचास फीट चौड़ी नजर आने वाली सड़कें अब पांच व पंद्रह फीट की रह गई हैं। गौरांगेट, कश्मीरी बाजार, शीश महल बाजार, वकीलां बाजार में सबसे ज्यादा समस्या पेश आ रही है। इसके अलावा बस्सी ख्वाजू की मार्केट में भी हालात बद से बदतर बने हुए हैं। यहां भी पैदल चलने की जगह नहीं मिलती।

सुबह नौ बजे के बाद जालंधर रोड 50 से 20 फीट रह जात

जालंधर रोड सुबह बाजार खुलने से पहले काफी खुली नजर आती है मगर नौ बजने के बाद अतिक्रमण का शिकार हो जाती है। इसका एक कारण तो यह है कि रोड पर दोनों ओर दुकानदार दुकानदारी चमकाने के लिए चार-पांच फीट बाहर तक सामान लगा देते हैं। इसके बाद आगे फल व सब्जियों की रेहड़ियां लग जाती हैं। इससे सुबह नौ बजे से पहले करीब पचास फीट चौड़ी नजर आने वाली सड़क महज पंद्रह बीस फीट रह जाती है। वहीं इन दुकानों से सामान खरीदने के लिए आने वाले ग्राहक भी वाहन सड़क पर ही पार्क कर देते हैं।

हड़ताल के कारण आ रही समस्या : मेयर

इस बारे में नगर निगम के मेयर सुरिदर कुमार से पूछा गया कि तो उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण दिककत आ रही है। हड़ताल के खत्म होते ही पहल के आधार पर अतिक्रमण की समस्या का समाधान किया जाएगा।

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