भले नहीं हैं अमीर, पर मेयर की कुर्सी पर बैठकर नहीं बेचेंगे जमीर

भले नहीं हैं अमीर, पर मेयर की कुर्सी पर बैठकर नहीं बेचेंगे जमीर

मेहनत के बल पर मेयर की कुर्सी पर विराजमान हुए सुरिदर कुमार शिदा शहर का नक्शा बदलने का सपना संजोए हैं। नगर निगम में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। समय पर काम हो और सभी को मान-सम्मान मिले। ऐसी उनकी पहल होगी।

JagranFri, 07 May 2021 05:26 PM (IST)

हजारी लाल, होशियारपुर

मेहनत के बल पर मेयर की कुर्सी पर विराजमान हुए सुरिदर कुमार शिदा शहर का नक्शा बदलने का सपना संजोए हैं। नगर निगम में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। समय पर काम हो और सभी को मान-सम्मान मिले। ऐसी उनकी पहल होगी। शहर को स्वच्छ बनाना, सड़कें चकाचक हों और सभी को स्वच्छ पेयजल मुहैया हो। इन तीनों चीजों को प्राथमिकता पर लेकर काम होगा। सेवाभाव को लेकर वह राजनीति में कूदे हैं, भले ही वह अमीर नहीं हैं, मगर मेयर की कुर्सी पर बैठकर अपना जमीर नहीं बेचेंगे। यह उनका शहरवासियों से वादा है। ईमानदारी से शहर के लिए इतना कुछ करना है कि हर कोई याद करके उनके कार्यकाल का उदाहरण देने के लिए मजबूर हो जाए।

दैनिक जागरण के साथ बातचीत में मेयर सुरिदर कुमार ने इरादे जाहिर किए कि शहर को साफ सुथरा बनाना पहल है। इसके लिए सफाई सेवकों की कमी पूरी की जाएगी। जेट और जेसीबी मशीनें खरीदी जाएंगी। बाजारों में आवश्यकता अनुसार कूड़ेदान रखेंगे। सीवरमैन की चालीस पोस्टें हैं, मगर 25 भरी हैं, जो पूरी भरवाएंगे।

कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के प्रयास से शहर की सड़कों का कायाकल्प करने के लिए पर्याप्त ग्रांट मिली है। बरसात से पहले हरेक सड़क चकाचक मिलेगी। हर वार्ड में बिना भेदभाव के विकास कार्य करवाएं जाएंगे। इसके लिए पार्षदों की राय भी ली जाएगी। पेयजल की निर्विघ्न सप्लाई के लिए दस मोटरें रिजर्व रखी जा रही हैं ताकि किसी ट्यूबवेल की मोटर खराब होने पर उसे तुरंत चालू किया जा सके। शुरुआती चरण में उनका ध्यान सफाई, चकाचक सड़कें और स्वच्छ पेयजल पर होगा। निगम की कार्यप्रणाली पर बात करते हुए मेयर ने कहा कि भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। सभी मुलाजिमों और अधिकारियों को हिदायत दे दी गई है। जनता के लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं। किसी प्रकार की शिकायत बेझिझक जा सकती है और बिना देरी उसका समाधान होगा। दैनिक जागरण की मुहिम सहज लो हर बूंद की सराहना करते हुए मेयर ने कहा कि कामर्शियल इमारतों में रेन वाटर हावे‌िर्स्टंग लगेगा। इसे सौ फीसद अमलीजामा पहनाने के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

चाचा की चकाचौंध देखकर राजनीति में रखा था कदम

सुरिदर कुमार किसी कारणवश बीए फाइनल नहीं कर पाए। पिता दर्शन राम रिटायर्ड पोस्टमैन हैं। माता जीत कौर गृहणी थीं। बात है 1989 की, उनके चाचा दसौंधी राम राजनीति में रुचि रखते थे इसलिए उनके यहां बड़े-बड़े नेता आते रहे थे। चाचा की चकाचौंध देखकर राजनीति में कदम रखा। कांग्रेस के लिए काम करने लगे। दस साल तक सेवा करने के बाद 1998 में पहली बार कांग्रेस की टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा और शानदार जीत हासिल की। इसके बाद लगातार पार्षद का चुनाव जीतते आए हैं। शिदा की ईमानदारी देखकर विरोधी पार्टियों के नेताओं ने कई बार आफर दी, लेकिन उन्होंने ठुकरा दिया था। कांग्रेस के प्रति शिदा की वफादारी देखकर कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने उन्हें मेयर बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा, जिस पर हाईकमान ने मुहर लगा दी।

खाली समय में व्यायाम करने का शौक

खाली समय में सुरिदर कुमार को व्यायाम करने का शौक है। फुटबाल खेलना, दौड़ना और व्यायाम करने में उन्हें बहुत आनंद आता है।

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