सब्जी के कम दाम से काश्तकार व महंगे दाम से आमजन परेशान

कोरोना संकट के कारण शादी समारोह व अन्य आयोजन ठप होने के कारण सब्जियों की काश्त करने वाले किसान परेशान हैं क्योंकि मार्केट में डिमांड न होने से सब्जी को मंडी तक लाने का खर्चा पूरा नहीं हो रहा।

JagranSun, 29 Aug 2021 06:58 PM (IST)
सब्जी के कम दाम से काश्तकार व महंगे दाम से आमजन परेशान

रामपाल भारद्वाज, माहिलपुर

कोरोना संकट के कारण शादी समारोह व अन्य आयोजन ठप होने के कारण सब्जियों की काश्त करने वाले किसान परेशान हैं क्योंकि मार्केट में डिमांड न होने से सब्जी को मंडी तक लाने का खर्चा पूरा नहीं हो रहा। दूसरी तरफ, मंडी के बाहर विक्रेता सब्जी महंगे दाम पर बेचकर आम लोगों की जेबों पर डाका डाल रहे हैं। हैरानी की बात है कि इस सरेआम हो रही लूट पर जिला प्रशासन व मंडी बोर्ड शांत है। अधिकारियों का उदासीन रवैया किसानों के साथ जनता पर भारी पड़ रहा है। किसानों को मंडी में कोढि़यों के दाम पर सब्जी बेचनी पड़ रही है और आम लोग उसी वस्तु को महंगे दाम में खरीद रहे हैं। मंडी में जो सब्जी दो से पांच रुपये में बिकती है वह बाहर 20 पार हो जाती है। उदाहरण के तौर पर मंडी में आलू की 50 किलो की बोरी 250 से तीन सौ रुपये है और बाहर आलू 20 से 25 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इस हिसाब से 15 गुणा ज्यादा मुनाफा कमाया जा रहा है। इसी तरह मंडी में प्याज 10 से 13 व मार्केट में 35 से 40 रुपये किलो बिक रहा है। कुछ समय पहले डीसी ने कोरोना काल को लेकर रेट लिस्ट जारी की थी जिसमें जहां किसानों का फायदा था वहीं आम लोगों का भी लाभ होता था क्योंकि इससे सब्जी की खरीद फरोख्त में स्पष्टता आई थी लेकिन लिस्ट बंद होने से हालात पहले की तरह हो गए।

ऐसे समझें.. आपको कितनी महंगी मिलती है सब्जी और कौन हो रहा है मालामाल

सब्जी किसान से खरीद आम लोगों को इतने में मिलती

आलू 10 रुपये 20 से 25 रुपये

प्याज 13 से 15 रुपये 35 से 40 रुपये

हरी मिर्च 20 रुपये 50 से 60 रुपये

भिडी 5 से 10 रुपये 40 रुपये

बैंगन 5 से 7 रुपये 20 से 30 रुपये

कद्दू दो रुपये 20 रुपये

टमाटर 10-15 रुपये 50 रुपये

गोभी 15 से 20 रुपये 40 से 60 रुपये

घीया 5 रुपये 30 से 40 रुपये

हरा कद्दू 2 से 5 रुपये 40 रुपये

शिमला मिर्च 20 से 25 रुपये 50 से 60 रुपये (प्रति किलो) न्यूनतम मूल्य तय करने की मांग

कालेवाल भगतां के राममूर्ति, नंगल खिलाड़िया के रमेश, हवेली के हरजिदर, सतनाम सिंह, जसवीर सिंह, समशेर व बलजीत सिंह ने बताया कि मंडी में कम भाव में सब्जियां बेचकर लागत भी नहीं निकल रही है। जबकि अलग से मजदूरी देनी पड़ती है। किसानों ने मांग की कि सब्जी का न्यूनतम मूल्य फिकस होना चाहिए ताकि राहत मिल सके।

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