शनिवार को 26 प्रवासी पक्षियों ने तोड़ा दम, अब तक 4900 प्रवासी पक्षियों को चुकी है मौत

शनिवार को 26 प्रवासी पक्षियों ने तोड़ा दम, अब तक 4900 प्रवासी पक्षियों को चुकी है मौत

वेटलैंड पौंग बांध झील के आसपास में प्रवासी पक्षियों का बर्ड फ्लू से मरने का सिलसिला 20वें दिन भी जारी रहा है।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 11:53 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, तलवाड़ा

वेटलैंड पौंग बांध झील के आसपास में प्रवासी पक्षियों का बर्ड फ्लू से मरने का सिलसिला 20वें दिन भी जारी रहा है। पिछले पांच दिनों से यह क्रम दिन प्रति दिन काफी अधिक संख्या में घटता ही जा रहा है। आज 26 पक्षी मृत पाए गए हैं। वन्य जीव प्राणी विभाग के पीसीसीएफ अर्चना शर्मा व डीएफओ राहुल एम रेहाने के द्वारा जारी सुचना के अनुसार अभी तक वेटलैंड पौंग बांध झील में 4900 प्रवासी पक्षियों की मौत हो चुकी है। धीरे-धीरे बर्ड फ्लू कंट्रोल में आ रहा है।

अर्चना शर्मा ने बताया कि इस वेटलैंड पौंग बांध झील के आसपास में 28 ्िदसंबर से सैकड़ों की संख्या प्रवासी पक्षी बर्ड फ्लू से मौत हो रही थी। लेकिन अब 11 जनवरी से विदेशों से यहाँ हर वर्ष आने वाले प्रवासी पक्षियों के मृतक अवस्था में मिलनें की संख्या अब दो अंकों में ही सिमट कर रह गई हैं। शनिवार को 26 प्रवासी पक्षियों की मौत हुई, जबकि धमेटा रेंज में से 4 व नगरोटा सुरियां रेंज में से 22 प्रवासी पक्षी मृतक अवस्था में मिले हैं।इस मौके पर वन्य प्राणी विभाग की इस कार्य में जुटी सभी टीमों के द्वारा पीपीई किट पहन कर के अपनी पूरी मुस्तैदी से मृत प्रवासी पक्षियों को बोरियो मे एकत्र करके फिर उन्हे ट्रैक्टर टराली मे डाल करके फिर एक गड्ढा खोदकर उसी गड्ढे मे जलाने के पश्चात वहीं पर उसी गड्ढे में डाल कर दबाया जा रह है ताकि कोई संक्रमण न फैल सके। वहीं पर वेटलैंड पौंग बांध झील के आसपास रहते लोगों को आपने पालतू पशुओं को भी पौंग झील में छोड़ने पर पूर्ण पाबंदी है। इस दौरान कागड़ा जिला प्रशासन ने उल्लंघन करने वालों पर केस करने सहित 50 हजार रुपए जुर्माना की सजा रखी है।

पीसीसीएफ अर्चना शर्मा कहा हैं कि वन्य जीव प्राणी विभाग के डीएफओ के नेतृत्व व मार्गदर्शन में उनकी टीम जिस में रेंज अफसर धमेटा सेवा सिंह व रेंज अफसर नगरोटा सुरिया जोगिन्दर सिंह के सहित फील्ड में कार्यरत समस्त वन्य जीव प्राणी विभाग की रेंज धमेटा व नगरोटा सुरियां रेंज के अधिकारियों व कर्मचारियों के आपसी तालमेल व कड़ी मेहनत से वायरस को फैलने से बचाया जा सका है। उन्होंने बताया कि पौंग झील किनारे खेती करने वाले लोगों के विरुद्ध भी बनती कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

इस दौरान जिलाधीश कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि अभी तक अंतर्राष्ट्रीय वेटलैंड पौंग बांध झील किनारे जाने पर आम लोगों के आने जानें पर प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि जैसे ही बर्ड फ्लू पूर्ण तौर पर कंट्रोल हो जाएगा, तो मछुआरों व आम लोगों के लिए लगाया गया प्रतिबंध को भी हटा दिया जाएगा।

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