रावी के कटाव को रोकने के लिए मिट्टी की बोरियों से अस्थायी किनारे बनाए

भारत-पाक की राष्ट्रीय सीमा के साथ बहते रावी दरिया के तेह बहाव पानी से गांव गुरचक्क के किसानों की जमीन को बचाने के लिए मिट्टी की बोरियों से अस्थायी किनारे बनाने का काम मुकम्मल हो चुका है।

JagranTue, 29 Sep 2020 06:10 PM (IST)
रावी के कटाव को रोकने के लिए मिट्टी की बोरियों से अस्थायी किनारे बनाए

संवाद सहयोगी, कलानौर : भारत-पाक की राष्ट्रीय सीमा के साथ बहते रावी दरिया के तेह बहाव पानी से गांव गुरचक्क के किसानों की जमीन को बचाने के लिए मिट्टी की बोरियों से अस्थायी किनारे बनाने का काम मुकम्मल हो चुका है। इसके बाद किसानों ने कैबिनेट मंत्री सुखजिदर सिंह रंधावा का आभार जताया।

किसान जगमोहन सिंह, कर्मबीर सिंह, गुरमुख सिंह, नंबरदार सतवंत सिंह, मुखविदर सिंह आदि ने बताया कि रावी के तेज बहाव पानी से किसानों की जमीन दरिया बुर्द हो चुकी थी। वहीं इस बार बारिश के मौसम के दौरान किसानों की जमीन रावी दरिया के तेज बहाव पानी से बचाने संबंधी उन्होंने कैबिनेट मंत्री रंधावा को अवगत करवाया था। उनके प्रयास से जमीन को बचाने के लिए लाखों रुपये से मिट्टी की बोरियों से रावी दरिया के किनारे बनाने का निर्माण मुकम्मल हो चुका है। उन्होंने बताया कि ड्रेन विभाग के अधिकारियों द्वारा रावी दरिया के किनारों पर मिट्टी की बोरियां लगाने से किसानों को बड़ी राहत मिली है।

उधर ड्रेन विभाग के एसडीओ कमल गुप्ता ने बताया कि रावी दरिया के तेज बहाव पानी से किसानों की जमीन बचाने के लिए पांच लाख रुपये की लागत से रावी दरिया के 320 फीट के करीब किनारों पर बोरियों की आठ फीट अस्थायी किनारे बनाने का काम मुकम्मल कर लिया गया है। इससे पहले भी क्षेत्र में बहते रावी दरिया पर 65 लाख के करीब किनारों के निर्माण पर खर्च किए जा चुके हैं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.