बारिश से मौसम हुआ ठंडा, किसान चितित

पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के साथ-साथ मैदानी इलाकों में रुक-रुक हो रही हल्की बारिश से मौसम ने एक बार फिर से करवट बदल ली है।

JagranWed, 21 Apr 2021 07:26 PM (IST)
बारिश से मौसम हुआ ठंडा, किसान चितित

रवि कुमार, महिदर सिंह अर्लीभन्न/गुरदासपुर, कलानौर : पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के साथ-साथ मैदानी इलाकों में रुक-रुक हो रही हल्की बारिश से मौसम ने एक बार फिर से करवट बदल ली है। जिले में बारिश होने के चलते फिर से ठंड का अहसास किया जाने लगा है। बारिश के कारण अधिकतम तापमान 24 डिग्री व न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। उधर, बारिश किसानों के लिए आफ्त बनी हुई है, क्योंकि बारिश होने से जिले में कई एकड़ गेहूं की फसल खराब हो गई। इससे एक बार फिर से बारिश ने किसानों के माथे पर चिता की लकीर खींच दी है। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश होने की चेतावनी दी है।

गौरतलब है कि मौसम को देखते हुए किसानों की ओर से गेहूं की कटाई का काम जोरों शोरो पर करवाया जा रहा है। मगर आए दिन हो रही बारिश किसानों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। बारिश किसानों की मेहनत पर पानी फेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उधर, मंडियों में खरीद का काम धीमी गति से चलने से किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठंड का हुआ अहसास

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से गर्मी ने एकदम से जोर पकड़ लिया था। इस कारण सुबह और शाम के वक्त ही ठंड का अहसास किया जा रहा था जबकि दोपहर के समय गर्मी के कारण लोगों के साथ-साथ जानवर भी बेहाल था। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पेयजल का सेवन कर रहे थे। मगर दो से तीन दिनों से रुक रुक हो रही बारिश के चलते एक बार फिर से सर्दी का अहसास किया जाने लगा है। जीओजी ने लिया अनाज मंडी का जायजा

उधर कलानौर की अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी गेहूं की फसल तरपाल आदि से न ढके जाने के चलते भीग गई। इसको देखते हुए खुशहाली के रक्षक सूबेदार सतनाम सिंह के नेतृत्व में जीओजी ने अनाज मंडी कलानौर का जायजा लिया और आढ़तियों की लापरवाही से भीगी किसानों की गेहूं संबंधी रिपोर्ट जीओजी के उच्चाधिकारियों को भेजी गई। इस दौरान सूबेदार सतनाम सिंह, हवलदार कुलदीप सिंह, गुरदीप सिंह, हवलदार दलजीत सिंह ने बताया कि मंडियों की चेकिग की जा रही है। चेकिग के दौरान देखा गया कि आढ़तियों ने अनाज को तरपाल से नहीं ढका हुआ था, जिसको ढकने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जिन आढ़तियों ने गेहूं की ढेरियों पर तरपाल नहीं डाली गई, उनकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।

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