सख्ती पर भारी सिफारिश, जिंदगी पर व्यवस्था

सख्ती पर भारी सिफारिश, जिंदगी पर व्यवस्था

यातायात नियमों का उल्लंघन सड़क हादसों की बड़ी वजह है।

Publish Date:Sat, 28 Nov 2020 08:00 AM (IST) Author: Jagran

बाल कृष्ण कालिया, गुरदासपुर

यातायात नियमों का उल्लंघन सड़क हादसों की बड़ी वजह है। जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन आम बात है। राजनीतिक संरक्षण व सिफारशी लोग आज भी पुलिस नाके से सरेआम बच कर निकल जाते हैं। भले ही शहर में विभिन्न नाकों पर पुलिस कर्मचारी ट्रैफिक चालान काटने के लिए खड़े हों, लेकिन आज भी शहर में ट्रैफिक की व्यवस्था अस्त-व्यस्त है। आजादी के बाद से जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को सही करने के लिए भले ही पुलिस कर्मचारियों की संख्या बढ़ा दी गई हो, लेकिन व्यवस्था आज भी चरमराई हुई।

शहर में गीता भवन रोड में ऐसी बड़ी समस्या है, जहां पर लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है। इसी वजह से शहर के इस व्यस्त इलाके में जाम की स्थिति रहती है। नियमों का पालन करवाने के लिए यातायात पुलिस की ओर से लाइसेंस, इंश्योरेंस, प्रदूषण, तीन सवारियां, हेलमेट, गलत पार्किग आदि के चालान काटे जा रहे हैं। इसके बावजूद भी लोग नियमों को अपनाने के लिए राजी नहीं हैं। अब तो कोरोना काल के दौरान पुलिस कर्मचारियों को बिना मास्क के चालान काटने की ड्यूटी लगा दी गई है। जिले में यातायात नियमों का भले ही पालन ना हो, लेकिन चालान काटकर सरकार का खजाना जरूर भरा जा रहा है। दो साल में 400 से अधिक का वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने का चालान

गुरदासपुर बटाला पुलिस की ओर से वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले लोगों के चालान काटे गया। इसे बाद में रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारिटी के पास जुर्माने के लिए भेज दिया जाता है। आरटीए दफ्तर के कर्मचारी गुरनाम कुमार के मुताबिक पिछले दो सालों में उनके पास 400 से अधिक वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने वाले लोगों के चालान काट कर आए हैं। प्रति चालान दो हजार रुपये जुर्माना वसूला किया है। किस चालान का कितना जुर्माना

-बिना नंबर प्लेट 2000

-गलत पार्किग के 500

-वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल 2000

-बीमा पालिसी 2000

-प्रदूषण 5000

-लाइसेंस 5000

-हेलमेट 1000, तीन महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड

-तीन सवारियां 1000, तीन महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड

--नोट : राशि रुपये में। यातायात नियम तोड़ने पर काटे गए चालान

2018

हेलमेट 2460

तीन सवारियां 3260

लाइसेंस 5200

शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों 217 2019

हेलमेट 434

तीन सवारियां 338

लाइसेंस 960 2020

हेलमेट 345

तीन सवारियां 600

लाइसेंस 995

शराब पीकर 48

बैंकों के पास नहीं पार्किग नहीं होने से ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई

गुरदासपुर में चल रही मुख्य बैंकों की ब्रांचों के पास अपनी पार्किग नहीं होने की वजह से शहर में ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई है। हालांकि यह मुद्दा काफी पुराना है, लेकिन इस पर प्रशासन की ओर से कोई भी तो समाधान नहीं निकाला गया। उधर, नगर कौंसिल भी इस मामले को लेकर दे बस है। ट्रैफिक पुलिस भी बैंक प्रबंधकों को नोटिस भेज-भेज कर थक गई है, लेकिन कोई स्थाई हल निकल कर बाहर नहीं आ रहा। सड़कों पर लबालब खड़े वाहन जाम की स्थिति पैदा करते हैं। जिले में सात लाख से अधिक वाहन

रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस के मुताबिक 20 साल पहले गुरदासपुर जिले में एक लाख के करीब वाहन थे। जबकि अब लोगों के पास 7 लाख से ऊपर वाहनों की संख्या है। उनका कहना है कि सड़कें भले ही सिकुड़ कर छोटी हो गई हों, लेकिन वाहनों में लगातार इजाफा होता जा रहा है। कोट्स

उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देशों पर ट्रैफिक कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई करते हैं। यातायात में विघ्न ना हो इसके लिए पुलिस कर्मचारी विभिन्न नाकों पर तैनात किए गए हैं।

-राकेश कुमार, ट्रैफिक इंचार्ज।

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