मुनाफाखोरी रोकने के लिए निजी लैब में रेट निर्धारित किए गए : चीमा

मुनाफाखोरी रोकने के लिए निजी लैब में रेट निर्धारित किए गए : चीमा
Publish Date:Sat, 26 Sep 2020 03:30 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सहयोगी, बटाला : राज्य के लोगों को कोरोना परीक्षण के लिए प्रोत्साहित करने और निजी प्रयोगशालाओं की मुनाफाखोरी को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने निजी प्रयोगशालाओं के लिए कोविड परीक्षण की दरों में कमी की है। प्रयोगशालाओं को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे लिखित रूप में कोविड परीक्षणों की दरों को इंगित करें ताकि दरों को आसानी से पढ़ा जा सके।

पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉर्पोरेशन के चेयरमैन अमरदीप सिंह चीमा ने बताया कि निजी प्रयोगशालाओं में कोरोना के सीबीनेट परीक्षण के लिए 200 रुपये निर्धारित किए गए हैं। चीमा ने स्पष्ट किया कि घर पर नमूने लेने की अतिरिक्त लागत का निर्धारण लैब द्वारा किया जा सकता है। निजी प्रयोगशालाएं कोविड -19 के परीक्षा परिणामों से संबंधित डेटा राज्य सरकार के साथ साझा करेंगी और इसे समय पर आईसीएमआर पोर्टल पर अपलोड करेंगी। उन्होंने कहा कि नमूना रेफरल फॉर्म (एसआरएफ) के अनुसार, नमूना लेने के दौरान परीक्षार्थी की पहचान, पता और सत्यापित मोबाइल नंबर को नोट किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि नमूने के समय आरटी-पीसीआर ऐप पर डेटा अपलोड किया जाना चाहिए। परीक्षण के पूरा होने के तुरंत बाद रोगी को परीक्षण रिपोर्ट दी जानी चाहिए और सभी परीक्षण परिणाम तुरंत संबंधित जिले के सिविल सर्जन को ई-मेल से भेजे जाने चाहिए और एक प्रति पंजाब राज्य आईडीएसपी सेल को भेजी जानी चाहिए। एनएबीएल और आईसीएमआर सरकार द्वारा अनुमोदित सभी निजी प्रयोगशालाओं को रोगी की जानकारी गोपनीय रखने का निर्देश दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा भविष्य की जांच के मद्देनजर, सभी निजी कोविड -19 परीक्षण प्रयोगशालाओं को आरटी-पीसीआर मशीन द्वारा उत्पन्न डेटा और ग्राफ़ को बनाए रखना होगा।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.