कारिडोर के लिए ली जमीन का नहीं मिला पैसा, किसानों ने पैसेंजर टर्मिनल का काम रोका

करतारपुर कारिडोर के लिए अधिग्रहण की गई जमीनों के पैसे अब तक न मिलने के विरोध में किसानों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बनाए गए करतारपुर कारिडोर पर धरना दिया। वहीं सुबह छह बजे पैसेंजर टर्मिनल में काम करने वाले मजदूरों व उनके अधिकारियों को किसानों ने काम करने से रोक दिया।

JagranTue, 27 Jul 2021 06:34 PM (IST)
कारिडोर के लिए ली जमीन का नहीं मिला पैसा, किसानों ने पैसेंजर टर्मिनल का काम रोका

संवाद सहयोगी, डेरा बाबा नानक : करतारपुर कारिडोर के लिए अधिग्रहण की गई जमीनों के पैसे अब तक न मिलने के विरोध में किसानों ने मंगलवार को दूसरे दिन भी भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बनाए गए करतारपुर कारिडोर पर धरना दिया। वहीं सुबह छह बजे पैसेंजर टर्मिनल में काम करने वाले मजदूरों व उनके अधिकारियों को किसानों ने काम करने से रोक दिया। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांग स्वीकार नहीं होती, तब तक वे टर्मिनल का काम नहीं करने देंगे। इस दौरान किसान नेताओं ने नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया के खिलाफ नारेबाजी भी की।

सोमवार को भी जब किसानों ने पैसेंजर टर्मिनल का काम रोक दिया था। इसे देखते हुए मंगलवार को काम करने वाले मजदूर और अधिकारी सुबह पौने छह बजे ही पहुंच गए थे, लेकिन किसान उससे पहले ही पहुंचे हुए थे, जिन्होंने उन्हें काम करने से रोक दिया। गौर हो कि सीमा पर क‌र्फ्यू के कारण शाम छह बजे किसान घरों को लौट जाते हैं और सुबह आकर फिर धरना देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों के लिए दो दिन से करतारपुर कारिडोर पर धरना लगाया हुए हैं, परंतु अफसोस कि कोई भी प्रशासनिक अधिकारी उनकी मुश्किलें व मांगों को प्रवान करने के लिए नहीं पहुंचा। इस कारण किसानों में भारी रोष पाया जा रहा है। इस मौके पर त्रिलोचन सिंह, जोगिदर सिंह, मलकीत सिंह, पुरुषोत्तम सिंह, सतनाम सिंह आदि उपस्थित थे। किसान बोले-छह माह में पैसे देने की बात कही गई थी

किसान नेता मुख्तयार सिंह, सुरजीत सिंह, दलेर सिंह, गुरनाम सिंह, अंग्रेज सिंह, जगजीत सिंह ने बताया कि नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया व लैंड पोर्ट अथारिटी आफ इंडिया की ओर से श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व मौके नवंबर 2019 को डेरा बाबा नानक की सीमा से पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब जी के खुले रास्ते के दौरान उक्त गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहण की गई थी। उस समय उन्हें छह माह में ही पैसे देने की बात कही गई थी, पर अब तक पैसे नहीं मिले। किसानों ने बताया कि समय-समय पर भारत पाक युद्ध व रावी दरिया की मार झेल रहे किसान पहले ही आर्थिक तौर पर कमजोर हुए पड़े हैं। वहीं करतारपुर रास्ता खोलने के समय किसानों की अधिग्रहण की जमीन के दौरान सरकार द्वारा किए वादे पूरे नहीं किए जा रहे।

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