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आलू ने हरी सब्जियों को पछाड़ा, टमाटर हुआ और लाल

नरेश भनोट, बटाला

बरसात के मौसम में हर बार हरी सब्जियों के रेट आसमान को छूने लगते हैं। इस मौसम में महिलाएं सब्जियों की बजाय दालों को तरजीह देना शुरू कर देती हैं, लेकिन इस बार माजरा कुछ उलट ही नजर आ रहा है। अधिकतर हरी सब्जियां भिडी, लौकी, करेला, तोरी, बैंगन इत्यादि बाजार में 10 से लेकर 20 रुपये किलो तक बिक रही हैं, लेकिन प्रत्येक सब्जी और दाल में पड़ने वाला टमाटर दिन प्रतिदिन लाल होता जा रहा है।

केवल छह दिन पहले दस रुपये किलो बिकने वाला टमाटर रेहडि़यों पर 30 से 40 रुपये बिकना शुरू हो गया है। इसी तरह कभी किसानों द्वारा मुनासिब रेट ना मिलने पर सड़कों पर गिराया जाने वाला आलू सभी सब्जियों को पछाड़कर 25 से 30 रुपये किलो बिक रहा है। 12

टमाटर और आलू ने खड़ी की परेशानी : किरण लता शर्मा

डीएवी सेनेटरी स्कूल में अध्यापिका के पद पर तैनात किरण लता शर्मा ने बताया कि मंदी के इस दौर में टमाटर और आलू की बढ़ती हुई कीमतों ने प्रत्येक घर की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। इन जरूरत की वस्तुओं के बढ़ रहे रेट पर अंकुश लगाने के लिए पंजाब सरकार को इसकी सप्लाई सुचारू बनाने पर जोर देना चाहिए। 14

टमाटर 60, अदरक 150 रुपये किलो मिल रहा : नीतू भल्ला

गृहणी नीतू भल्ला ने बताया कि प्रत्येक दाल तथा सब्जी में प्रयोग होने वाले टमाटर और अदरक की कीमतें आसमान को छू रही हैं। बाजार में बढि़या टमाटर 60 रुपये किलो और अदरक 150 रुपये के आसपास मिल रहा है। इस कारण रसोई का बजट गड़बड़ा रहा है। हर साल बरसात के दिनों में इन जरूरत की सब्जियों की मार्केट में किल्लत आ जाती है। इस कारण इनके दाम बढ़ जाते हैं। पंजाब सरकार को इस बारे किसानों को अधिक उत्पादन बारे जागरूक करना चाहिए। 13

सरकार कीमतों पर लगाम लगाए : रजनी सरीन

प्रत्येक सब्जी में पड़ने वाले आलू, टमाटर और अदरक की बढ़ रही कीमतों से परेशान गृहणी रजनी सरीन ने बताया कि इस बारे सरकार को पहले से ही सजग होते हुए इन चीजों का पर्याप्त भंडार अपने पास रखना चाहिए। प्रत्येक वर्ष इन सब्जियों की बढ़ने वाली कीमतों पर लगाम लगाई जा सके। इसके साथ ही इन सब्जियों की ज्यादा पैदावार करने के लिए कृषि विशेषज्ञों द्वारा किसानों को जागरूक किया जाना अति आवश्यक है। 16

-लोग महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे : ज्योति

आरडी खोसला डीएवी मॉडल स्कूल में अध्यापिका के पद पर तैनात ज्योति ने बताया कि कोविड-19 की वजह से पिछले तीन महीनों से अधिकतर लोगों के कारोबार बंद पड़े हैं। इसका ज्यादा असर मध्यम तथा निचले वर्ग के कारोबारियों पर ज्यादा पड़ा है, रही सही कसर रसोई में प्रयोग की जाने वाली इन सब्जियों की बढ़ रही कीमतें निकाल रही हैं। इससे पहले की इन रोजमर्रा सब्जियों की कीमतें आसमान को छूने लगे और लोग महंगाई के विरुद्ध सड़कों पर निकलने को मजबूर हो जाए, पंजाब सरकार को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए । 15

क्या कहते हैं सब्जी व्यापारी

इस संबंधी जब सब्जी की आढ़त का काम करने वाले युवा व्यापारी पीयूष भल्ला से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में लोकल टमाटर की आमद कम हो जाती है और ज्यादातर बढि़या टमाटर हिमाचल के ऊपरी भागों से मंगवाना पड़ता है। जिसके ऊपर ढुलाई का खर्चा ज्यादा पड़ने की वजह से यह बाजार में लोकल टमाटर की बजाएं, दोगुने भाव पर बिकता है।

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