गंदगी से भरी नालियां, सड़कों पर बहता गंदा पानी

गंदगी से भरी नालियां, सड़कों पर बहता गंदा पानी
Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 08:00 AM (IST) Author: Jagran

बटाला, नरेश भनोट

ऐसा लगता है कि नगर निगम ने केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत अभियान को पूरी तरह से कुचलने की कसम खा रखी है। चक्करी बाजार में सड़कों पर लंबे समय से गंदा पानी बह रहा है, लेकिन इसका स्थायी हल नहीं निकाला जा रहा है। नालियों में भी गंदगी भरी है। इससे इलाके के लोग और बाजार के दुकानदार काफी परेशान हैं।

एक सप्ताह पहले इसे लेकर लोहा मंडी के दुकानदारों ने प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शनकारी दुकानदारों ने बताया कि मुख्य सड़क पर कुछ दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के आगे पक्के थड़े बनाकर अतिक्रमण किया गया है। इस कारण उनके नीचे बहती नालियां गाद से भर चुकी है। इस ढंग से सफाई हुए करीब एक साल हो चुका है। अब पानी की निकासी नही होने से एक सप्ताह से गंदा पानी बाजार के बाहर फैला हुआ है। उसके ऊपर पूरे दिन मच्छर भनभनाते रहते हैं। 18

नालियों की नहीं हो रही सफाई : सुभाष सेठ

जेल घर मार्केट के सीनियर और अनुभवी दुकानदार सुभाष सेठ का कहना है कि बटाला को नगर निगम का दर्जा मिलने के बाद उन्हें निगम से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन अधिकारियों की बेरुखी से नालियों की सफाई नहीं हो रही है। गंदा पानी बाजार के साथ-साथ दूसरे मेन बाजारों में विभिन्न जगहों पर खड़ा नजर आता है। 17

खानापूर्ति करके चले गए सफाई कर्मी : अश्वनी बांसल

कापी-किताबों का व्यापार करने वाले अश्वनी उर्फ बब्बल बंसल ने बताया कि बाजार के आगे एकत्रित पानी बारे सुपरिटेंडेंटनगर निगम निर्मल सिंह को अपील करने पर एक दिन सफाई कर्मचारी आए जरूर, लेकिन वे खानापूर्ति करके चले गए। उसके बाद पानी की समस्या घटने की बजाय और बढ़ गई। 19

नगर निगम का उदासीन रवैया समझ से बाहर : डा. हरप्रभजोत सिंह

करतार सिंह एंड संस फर्म के मालिक डाक्टर हरप्रभजोत सिंह ने नगर निगम के उदासीन रवैये पर हैरानी जताते हुए कहा कि इन दिन जब डेंगू का कहर हर तरफ फैला हुआ है और सेहत विभाग की ओर से बार-बार आसपास पानी एकत्रित ना होने देने की शहर वासियों को चेतावनी दी जा रही है। घरों में डेंगू का लारवा मिलने पर लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाती है। ऐसे में सफाई कर्मचारियों का इस ओर ध्यान ना देना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। कोट्स

कुछ दिन पहले सफाई कर्मचारियों को भेजा गया था। दोबारा अधिक संख्या में कर्मचारी भेजकर इस समस्या का स्थाई हल निकाला जाएगा।

-निर्मल सिंह, सुपरिटेंडेंट, नगर निगम।

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