थम नहीं रहा कोरोना का कहर..नौ मरीजों की मौत, 143 पाजिटिव

थम नहीं रहा कोरोना का कहर..नौ मरीजों की मौत, 143 पाजिटिव

कोरोना से मंगलवार को नौ लोगों की मौत हो गई जबकि 143 रिपोर्ट पाजिटिव आई।

JagranTue, 11 May 2021 07:32 PM (IST)

जागरण संवाददाता, गुरदासपुर : कोरोना से मंगलवार को नौ लोगों की मौत हो गई जबकि 143 रिपोर्ट पाजिटिव आई। वहीं 97 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं।

सिविल सर्जन डा. हरभजन राम ने बताया कि जिले में कोरोना से मौतों का आंकड़ा बढ़ता चला जा रहा है। 575 लोगों की अब तक कोरोना से जान चली गई है। ये आंकड़े डरावने हैं, इसलिए नियमों का पालन करें। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 562369 लोगों के कोरोना सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 541079 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव मिली है जबकि 17620 लोग पाजिटिव पाए जा चुके हैं। हालांकि 15303 मरीज कोरोना से ठीक भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि आरटीपीसीआर से 9362, ट्रूनेट से 114, एंटिजन से 5526 लोग पाजिटिव मिल चुके हैं। वहीं 2618 जिले संबंधित मरीज अन्य जिलों में मिले हैं। जिले में अब 3670 लोगों की कोरोना रिपोर्ट अभी पेंडिग है। यहां रखे गए पाजिटिव मरीज

गुरदासपुर-30

अरोड़ा अस्पताल-7

सिविल अस्पताल बटाला-9

संधू अस्पताल बटाला-2

अबरोल अस्पताल-19

सीएचसी धारीवाल-6

माता कौला अस्पताल-1

सेंट्रल जेल-29

मिलिट्री अस्पताल-11

अन्य जिलों में -117

नोट-शेष मरीज घरों में एकांतवास किए गए हैं। 7135 को लगा टीका

जिला टीकाकरण अधिकारी डा.अरविद मनचंदा ने बताया कि जिले में मंगलवार को 7135 लोगों को कोरोना कोरोना के टीके लगाए गए। इनमें से गुरदासपुर में 879, कलानौर में 766, फतेहगढ़ चूडि़यां में 637, ध्यानपुर में 520, एनएम सिंह में 578, बटाला में 1010, भाम में 567, रणजीत बाग में 470, भुल्लर में 560, बहरामपुर में 679, दोरांगला में 339 व काहनूवान में 130 लोगों ने कोरोना वैक्सीन लगवाई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लापरवाही से बढ़ रहा कोरोना

जिले में कोरोना से मौतें और पाजिटिव मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता चला जा रहा है। पिछले एक माह की बात की जाए तो कोरोना से अधिकतर मौतें और पाजिटिव मरीज ग्रामीण क्षेत्रों से मिले हैं। जिले के सबसे ज्यादा प्रभावित ग्रामीण क्षेत्र ब्लाक दोरांगला, बहरामपुर और काहनूवान हैं। यहां संक्रमितों व मौतों की संख्या अन्य क्षेत्रों से ज्यादा रही है। उक्त जानकारी जिला नोडल अधिकारी डा.अरविद मनचंदा ने दी है।

डा. अरविद मनचंदा ने बताया कि कोरोना से ज्यादा प्रभावित इन ग्रामीण क्षेत्रों में लोग जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन नहीं कर रहे। यही कारण है कि यहां कोरोना अधिक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग लक्षण होने के बाद भी अपना कोरोना टेस्ट नहीं करवाते। गांवों में आरएमपी डाक्टर से खांसी जुकाम बुखार की दवाई लेकर खाई जा रहे हैं। जब समस्या बढ़ जाती है तो फिर अस्पतालों की तरफ भागते हैं। जब उनके कोरोना सैंपल लिए जाते हैं तो रिपोर्ट पाजिटिव आती है। मगर तब तक परिवार सहित गांव के अन्य लोग उक्त मरीज की चपेट में आ गए होते हैं। यही कारण है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है। दोरांगला, बहरामपुर, काहनूवान में कोरोना के केस बढ़ने के पीछे बड़ा कारण लोगों की लापरवाही ही है। उन्होंने बताया कि काहनूवान के गांव सिबल में करीब दस दिन पहले दो महिलाएं कोरोना पाजिटिव आई थी। इसके बाद इनकी मौत हो गई। इन महिलाओं के संपर्क में गांव के काफी लोग आए हुए थे। इसके बाद विभाग की टीम द्वारा गांव के लोगों के सैंपल लिए गए। इस दौरान 15 एक साथ लोग पाजिटिव मिले। अन्य गांव में भी यही स्थिति है। एक दूसरे के संपर्क में आने से पाजिटिविटी बढ़ रही है। मरीजों को कोई समस्या है तो इन नंबरों पर करें संपर्क

अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर (जनरल) राहुल ने बताया कि प्रशासन ने पुलिस लाइन में पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया है। पुलिस कंट्रोल रूम गुरदासपुर के नंबर 9780002601, 01874-221966, 01874-502863,85589-42110 हैं। इन नंबरों पर काल या व्हट्सएप के जरिए जानकारी हासिल की जा सकती है। घरों में एकांतवास में रह रहे लोगों को अगर कोई सेहत संबंधी समस्या आए तो वह कंट्रोल रूम के फोन नंबर या 104 पर दिन-रात किसी भी समय काल कर सकते हैं। अपने मोबाइल में कोवा एप डाउनलोड करने की अपील करते कहा कि वह पंजाब सरकार की इस एप पर पंजाब में सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध बेडों की जानकारी आनलाइन चेक कर सकते हैं। होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को डाक्टर द्वारा बताई दवाइयां नियमित तौर पर लेते रहें और हर छह घंटे के बाद अपना बुखार और आक्सीजन लेवल व पल्स चेक करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अगर पल्स रेट 120 से अधिक, आक्सीजन लेवल 94 से कम या बुखार 101 डिग्री हो जाए या ब्लड शुगर 200 से अधिक या 70 से कम हो जाए, ब्लड प्रेशर 130/90 से अधिक या 100/70 से कम, सांस लेने में तकलीफ, छाती में भारीपन, होंठ नीले पड़ जाएं या किसी भी प्रकार की बेचैनी के लक्षण दिखाई दें तो मरीज को उक्त नंबरों पर काल करके अस्पताल में भर्ती होने के बारे में तुरंत फैसला करना चाहिए। इसके बिना होम क्वंरटाइन में रह रहे लोग अच्छी खुराक खाएं, तरल पदार्थ ज्यादा लें, अच्छी सोच रखें, मास्क पहनकर रखें, परिवार के बाकी सदस्यों से पूरी तरह अलग रहें और किसी भी हालत में घर से बाहर ना निकलें व ना ही किसी ओर के संपर्क में आएं। अस्पतालों में भर्ती संक्रमित मरीजों के बच्चों की देखभाल के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

जिला प्रोग्राम अफसर अमरजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कोरोना महामारी के दिनों दिन बढ़ रहे प्रकोप के चलते बहुत से लोग इस बीमारी से प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल में भर्ती हैं तथा घरों में उनके छोटे बच्चों की देखभाल करने के लिए कोई भी नहीं है। इस कारण बच्चों की सुरक्षा खतरे में आ सकती है। इसके चलते भारत सरकार के स्त्री व बाल विकास मंत्रालय की ओर से जरूरी हिदायतें जारी की गई है। इसके अनुसार ऐसे बच्चों की सुरक्षा व संभाल के लिए जिले में एक चिल्ड्रन होम गुरदासपुर की शिनाख्त की गई है। यहां बेसहारा बच्चों के लिए हर प्रकार की सुविधा मुहैया करवाई गई हैं। उन्होंने बताया कि आम लोगों की जानकारी के लिए कुछ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं,जोकि जिले के सभी अस्पतालों के रिसेप्शन काउंटरों पर डिसप्ले किए जा रहे हैं। जिले में यदि किसी भी व्यक्ति को बच्चों की सुरक्षा संबंधी सहायता की जरूरत है तो वे नेहा नैय्यर जिला बाल सुरक्षा अधिकारी के मोबाइल नंबर 98885-09150, भजन दास चेयरमैन बाल भलाई कमेटी गुरदासपुर के मोबाइल नंबर 94647-54589 व संदीप कौर सुपरिटेंडेंट चिल्ड्रन होम गुरदासपुर के मोबाइल नंबर 62801-12699 पर संपर्क कर सकता है।

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