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एनेस्थीसिया एक्सपर्ट होने पर भी नहीं चल रहे वेंटिलेटर

एनेस्थीसिया एक्सपर्ट होने पर भी नहीं चल रहे वेंटिलेटर

फिरोजपुर के सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर को लेकर उठा विवाद थम नहीं रहा। अस्पताल के चार वेंटिलेटर खराब होने के बाद इनको चलाने के एक्सपर्ट पर बात हुई तो अस्पताल प्रबंधन और सिविल सर्जन राजिदर राज ने एक्सपर्ट न होने की बात कही जबकि वेंटिलेटर को आपरेट करने के लिए एनेस्थीसिया एक्सपर्ट की जरूरत होती है और सिविल अस्पताल में दो एनेस्थीसिया एक्सपर्ट हैं। अस्पताल में तीन एनेस्थीसिया एक्सपर्ट की पोस्ट है जिसमें दो भरी हुई है।

JagranWed, 05 May 2021 10:12 AM (IST)

सुभाष आनंद, फिरोजपुर : फिरोजपुर के सिविल अस्पताल में वेंटिलेटर को लेकर उठा विवाद थम नहीं रहा। अस्पताल के चार वेंटिलेटर खराब होने के बाद इनको चलाने के एक्सपर्ट पर बात हुई तो अस्पताल प्रबंधन और सिविल सर्जन राजिदर राज ने एक्सपर्ट न होने की बात कही, जबकि वेंटिलेटर को आपरेट करने के लिए एनेस्थीसिया एक्सपर्ट की जरूरत होती है और सिविल अस्पताल में दो एनेस्थीसिया एक्सपर्ट हैं। अस्पताल में तीन एनेस्थीसिया एक्सपर्ट की पोस्ट है जिसमें दो भरी हुई है। सिविल अस्पताल में तैनात एनेस्थीसिया एक्सपर्ट सुमिता बजाज ने कहा कि सिविल सर्जन को अपनी जरूरतों के बारे में लिख कर दिया है।

सिविल अस्पताल के एसएमओ गुरमेज गुराया ने कहा कि एनेस्थीसिया एक्सपर्ट तो एक बार वेंटिलेटर लगाते है। वेंटिलेटर पर लगे मरीज की जांच के लिए दूसरे स्टाफ की जरूरत होती है जो उनके पास नहीं है। दस वेंटिलेटर के लिए दो स्टाफ नर्स, एक फार्मासिस्ट दो दर्जा चार मुलाजिमों की जरूरत होती है। स्टाफ नर्स मरीज का बीपी, आक्सीजन का फ्लो जांचती रहती है। दर्जा चार मुलाजिम आक्सीजन खत्म होने पर सिलेंडर लाने और मरीज की साफ सफाई का ध्यान रखते हैं। फार्मासिस्ट आक्सीजन पाइप लाइन और दवाओं की आपूर्ति करते हैं। अस्पताल को दो वेंटिलेटर सामाजिक संस्थाओं ने दिए थे, दो मूवएबल वेंटीलेटर सेहत विभाग ने खरीदे थे। इससे पहले तीन वेंटीलेटर स्टाक में थे। (बॉक्स)

धूल मिट्टी कारण खराब हुए वेंटिलेटर

अलमारियों की धूल फांकते हुए चार वेंटिलेटर खराब हो गए। हालांकि वेंटिीलेटर चलाए नहीं गए लेकिन फिर भी खराब हो गए। एसएमओ गुराया ने कहा किर वेंटिलेटर्स को दुरुस्त करने के लिए इंजीनियर्स को बुलाया गया है। ठीक होने पर आइसोलेशन वार्ड में लगा दिए जाएंगे। वेंटिलेटर पर अस्पताल और सेहत विभाग के अधिकारी महज खानापूर्ति कर रहे है। अब अगर एक्सपर्ट के साथ स्टाफ की कमी पूरी न हुई तो वेंटीलेटर ठीक कराने के कोई मायने नहीं रह जाते।

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