कोरोना काल में जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी

कोरोना काल में जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी

कोरोना के संकट में जिले के जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला खाद्य एवं आपूíत अधिकारी हिमाशु कुक्कड़ खुद संभाल रहे हैं।

JagranThu, 13 May 2021 10:08 PM (IST)

अशोक शर्मा, फिरोजपुर : कोरोना के संकट में जिले के जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला खाद्य एवं आपूíत अधिकारी हिमाशु कुक्कड़ खुद संभाल रहे हैं। उनका कहना है कि रूटीन से हट कर जिले के सरकारी डिपो पर कोविड-19 की हिदायतों के तहत राशन वितरण सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। मिनी लाकडाउन ने लोगों में डर तो बनाया है लेकिन अभी भी राशन लेने डिपो पर आने वाले लोग लापरवाही बरतते हैं, जिन पर नजर रखने के लिए मुलाजिमों की विशेष ड्यूटी लगानी पड़ती है ताकि राशन लेते हुए संक्रमण न बढ़े।

हिमाशु कुक्कड़ ने कुछ माह पहले ही फिरोजपुर के जिला खाद्य एवं आपूíत अधिकारी का पद संभाला है। कोरोना संक्रमण के गंभीर हालातों में सरकारी राशन वितरण के लिए व्यवस्था बनाए रखने के साथ प्राइवेट राशन स्टोर पर भी नजर रखना चुनौती से कम नहीं था। हिमाशु कहते हैं कि बढ़ती माग में जरूरत की चीजें स्टोर कर महंगे दामों पर बेचने वालों पर नजर रखना पेचीदा काम है। शिकायत न मिलने की सूरत में ऐसे तत्वों का पता नहीं लगता, लेकिन उनके फूड इंस्पेक्टर फील्ड में बाखूबी काम कर रहे है, यही वजह है कि जिला फिरोजपुर में अभी तक ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली। राशन वितरण से लेकर घरेलू गैस सप्लाई निíवघ्न जारी है। जिले में 677 सरकारी राशन के डिपो है। इनमें 154 शहरों में है और 523 गावों में। ग्रामीण क्षेत्रों के डिपो का सावधानी से संचालन बेहद जरूरी है। इस लिए राशन बाटने के लिए विजिलेंस कमेटियों का गठन किया है। हर कमेटी में पाच से सात सदस्य होते हैं, जिनमें गाव का सरपंच व पंचायत सदस्य शामिल होते हैं। ऐसे ही शहरों में नगर कौंसिल से इस कमेटी में सदस्य बनाए गए है, जो फूड इंस्पेक्टर के साथ राशन वितरण पर नजर रखते हैं। इन कमेटियों को कोई दिक्कत न आए या उपभोक्ताओं को परेशानी न हो इसकी जिम्मेदारी खुद संभाली हुई है। उनके साथ सहायक जिला खाद्य एवं आपूíत अधिकारी पूरी जिम्मेदारी निभा रहे है।

जिला खाद्य एवं आपूíत अधिकारी ने बताया कि इस समय प्रधानमंत्री कल्याण योजना के तहत प्रति व्यक्ति पाच किलो गेहूं दो-दो महीने की मुफ्त दी जा रही है। पंजाब सरकार की योजना के तहत साल में दो बार दो रुपये किलो के हिसाब से गेहूं दी जाती है। सरकारी योजनाओं का राशन छह लाख 24 हजार 438 राशन कार्ड उपभोक्ताओं के पास पहुंचे यहीं सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

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