खेल मंत्री ने 30 दिन में सारागढ़ी के विकास का किया दावा

बेशक सारागढ़ी के युद्ध में सिखों की बहादुरी की गाथाएं विदेशो में भी प्रसिद्ध हों लेकिन सारागढ़ी मेमोरियल को राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा नहीं मिल पाया है। रविवार को सारागढ़ी में करवाए गए समारोह में पहुंचे खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि सारागढ़ी के प्रति मुख्यमंत्री अमरिदर सिंह का विशेष लगाव है और वह इसे राष्ट्रीय धरोहरो में घोषित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

JagranSun, 12 Sep 2021 09:54 PM (IST)
खेल मंत्री ने 30 दिन में सारागढ़ी के विकास का किया दावा

संवाद सूत्र, फिरोजपुर : बेशक सारागढ़ी के युद्ध में सिखों की बहादुरी की गाथाएं विदेशो में भी प्रसिद्ध हों लेकिन सारागढ़ी मेमोरियल को राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा नहीं मिल पाया है। रविवार को सारागढ़ी में करवाए गए समारोह में पहुंचे खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने कहा कि सारागढ़ी के प्रति मुख्यमंत्री अमरिदर सिंह का विशेष लगाव है और वह इसे राष्ट्रीय धरोहरो में घोषित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

इस दौरान जब उनसे राज्य सरकार की ओर से घोषित एक करोड़ की ग्रांट से अभी तक विकास कार्य शुरू ना होने के बारे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगले 30 दिन में सारागढ़ी मेमोरियल की डेवल्पमेंट का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले आर्किटैक्चर की कुछ दिक्कतें आ रही थी, जिसे सुलझा लिया गया है और इस राशि से यहां की सुंदरता व पर्यटको के आकर्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा।

सारागढ़ी के विकास के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह की ओर से एक करोड़ की राशि की घोषणा वर्ष 2018 में की गई थी और वर्ष 2019 में एक करोड़ का चेक सारागढ़ी ट्रस्ट के चैयरमेन को सौंपा गया था। लेकिन तीन साल बाद भी यहां कोई कार्य नहीं करवाया गया। केंद्र सरकार द्वारा स्वदेश दर्शन प्रकल्प के तहत यहां पर टूरिस्ट फैलिस्टेशन सेंटर का निर्माण करवाया जा रहा है, जिसका निर्माण काफी हद तक पूरा हो चुका है।

सारागढ़ी दिवस पर शहीदों को किया नमन संवाद सहयोगी, फिरोजपुर : सारागढ़ी दिवस पर शिरोमणि अकाली दल के फिरोजपुर शहरी हलके से प्रत्याशी रोहित वोहरा ने गुरुद्वारा सारागढ़ी साहिब में आयोजित समागम के दौरान सारागढ़ी के शहीदों को नमन किया गया।

इस मौके रोहित वोहरा ने कहा कि दस सबसे महत्वपूर्ण लड़ाइयों में शामिल सारागढ़ी की लड़ाई में शहीद होने वाले सिख रेजीमेंट के बहादुर शूरवीरों की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि सारागढ़ी की लड़ाई मौके 21 सिख जवानों ने बड़ी संख्या में दुश्मन की फौजों का सामना किया था और पूरी बहादुरी के साथ लड़ते शहादतें प्राप्त की थीं। उन्होंने कहा कि यह कुर्बानी हमारे बच्चों को देश सेवा के लिए आगे आने के लिए हमेशा प्रेरित करती रहेगी। इस मौके उनके साथ कंवलजीत सिंह ढोलेवाल, कुलविंदर सिंह, लक्खा खाई, गुरप्रीत बराड़, गुरप्रताप सिंह निजी सचिव, अमित कुमार आदि भी उपस्थित थे।

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