बुद्धि को भ्रष्ट करता है क्रोध : ब्रह्मचारी संजय

श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में दस लक्षण धर्म महोत्सव के तहत सुबह-शाम धार्मिक आयोजन किए जा रहे है।

JagranFri, 17 Sep 2021 09:50 PM (IST)
बुद्धि को भ्रष्ट करता है क्रोध : ब्रह्मचारी संजय

संवाद सूत्र, फिरोजपुर : श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर में दस लक्षण धर्म महोत्सव के तहत सुबह-शाम धार्मिक आयोजन किए जा रहे है। प्रधान प्रवीण जैन ने बताया सुबह मंदिर में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन के बाद संगीतमय भजन हुआ। संध्या में मंगल आरती की गई।

कार्यक्रम में ब्रहमचारी संजय भैया और नीतिका दीदी ने प्रवचनों के माध्यम से सभी का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कषाय चार प्रकार की होती है, क्रोध, मान, माया, लोभ। इसी के चुंगल में फंसकर ही मानव पूरा जीवन पाप करने में गंवा देता है। क्रोध के माध्यम से बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है और मानव में मान यानि कि अहंकार पैदा हो जाता है और वह दूसरों से मायाचारी करने लगता है। उन्होंने कहा कि लोभ ही पाप का सबसे बड़ा बाप होता है।

ब्रह्मचारी संजय भैया ने बताया कि दस लक्षण इंसान को धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देते है। जीवन में सत्य को अपनाकर संयम धारण करना चाहिए और तप करके आत्मा को परमात्मा से मिलवाना चाहिए। उन्होंने सभी को परिग्रह से कोसों दूर रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर वीर सैन जैन, अशोक, अंकुश, अनिल, डा. विजय, सिम्मी, शशि, ज्योति, दीपक, राहुल, शशांक सहित अन्य उपस्थित थे।

गणपति का किया विसर्जन संस, अबोहर : नई आबादी गली नंबर 16 बड़ी पौड़ी निवासी अनीश गर्ग के निवास पर गणपति महोत्सव मनाया गया, जिसके बाद गणेश विसर्जन किया गया। अबोहर वेलनेस सोसायटी के सदस्य डा विशाल तनेजा ने बताया कि 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन मूर्ति स्थापित की गई थी, जिसके बाद रोजना सुबह शाम आरती व गणेश जी का गुणगान किया जाता रहा।

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