ठेकेदारी सिस्टम के विरोध में पल्लेदार हड़ताल पर

एक ओर जहां सभी विभागों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है वहीं अब श्रमिकों ने भी प्रदर्शन करना आरंभ कर दिया है।

JagranWed, 08 Dec 2021 09:59 PM (IST)
ठेकेदारी सिस्टम के विरोध में पल्लेदार हड़ताल पर

संवाद सूत्र, फिरोजपुर: एक ओर जहां सभी विभागों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है, वहीं अब श्रमिकों ने भी प्रदर्शन करना आरंभ कर दिया है। बुधवार को आल इंडिया फूड एंड अलाइड वर्कस यूनियन की ओर से मेन हेड एफसीआइ के गेट के सामने अनिश्चितकाल हड़ताल शुरू की गई है।

यूनियन नेता जगतार सिंह ने कहा कि वह डिपों मे करीब 40 साल से पल्लेदारी का काम कर रहे है। उन्होंने मांग की कि ठेकेदारी सिस्टम को खत्म कर पैसे सीधे लेबर को मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार अगर ठेकेदार को पांच रुपए देती है तो लेबर को उसमे सक सिर्फ दो रुपये ही मिलते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने चहेतों को ठेके दिए हुए हैं। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मांगें न मानी गई तो यह हड़ताल लगातार जारी रहेगी संघर्ष को ओर तेज किया जाएगा। इसके साथ आने वाले विधानसभा चुनावों में भी इसका खमियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा।

पल्लेदारों का धरना दूसरे दिन भी रहा जारी संवाद सहयोगी, अबोहर : पंजाब की फूड एजेंसियों में चल रहे ठेकेदारी सिस्टम के खिलाफ संघर्ष कर रहे पल्लेदार यूनियन ने पंजाब यूनियन के आह्वान पर शुरू किया गया अनश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रखा।

इस मौके पर प्रधान स्वर्ण सिंह बिट्टू, सतनाम सिंह, जीत सिंह, काला सिंह, रणजीत सिंह व बलकार सिंह ने कहा कि ठेकेदारी सिस्टम खत्म करके मजदूरों को उनकी खून पसीने की कमाई का सीधा भुगतान किया जाना चाहिए। अब तक बहुत सी राजनीतिक पार्टियों ने ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने के झूठे वादे कर मजूदरों की भावना से खिलवाड़ किया है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मजदूर जाग चुके हैं। वह अपना हक लिए बगैर पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक सरकार फूड एजेंसियों से ठेकेदारी सिस्टम खत्म कर मजदूरों को सीधी पेमेंट नहीं करती संघर्ष जारी रहेगा। स्वर्ण सिंह बिट्टू ने कहा कि पंजाब भर में समूह पल्लेदार संगठन फूड एजेंसियों का लोडिंग, अनलोडिंग और स्टेशन की स्पेशलों पर गांठों के लोड अनलोड का काम अनिश्चित समय के लिए बंद कर दिया है। इस संबंध में पहले ही एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को पहले ही ज्ञापन सौंपा जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब यह संघर्ष तभी रुकेगा जब उनकी मांगे पूरी होगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसानों के संघर्ष ने मिसाल कामय कर जीत हासिल की है उसी तरह पल्लेदारों का संघर्ष भी जीत कर ही दम लेगा।

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