पौष्टिक आहार की कमी से बच्चे हो रहे कुषोषण का शिकार : डा. बैंस

देश की बागडोर संभालने वाली नई पीढ़ी लगातार कुपोषण का शिकार हो रही है और बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए समय पर भोजन करने के साथ-साथ फल और मां के हाथ का बना खाना अति जरूरी है।

JagranThu, 02 Sep 2021 05:55 PM (IST)
पौष्टिक आहार की कमी से बच्चे हो रहे कुषोषण का शिकार : डा. बैंस

संवाद सहयोगी, ममदोट, फिरोजपुर : देश की बागडोर संभालने वाली नई पीढ़ी लगातार कुपोषण का शिकार हो रही है और बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए समय पर भोजन करने के साथ-साथ फल और मां के हाथ का बना खाना अति जरूरी है। यह विचार सीएचसी ममदोट के सीनियर मेडिकल अफसर डा. रंजीव बैंस ने राष्ट्रीय संतुलित खुराक सप्ताह के अंतर्गत आयोजित सेमिनार में व्यक्त किए।

डा. बैंस ने कहा कि कई बार बच्चों का जन्म समय वजन कम होता है, परंतु बच्चों की तंदुरुस्ती को बरकरार रखने के लिए उसकी उम्र के मुताबिक वजन बढ़ना अति जरूरी है जिससे बच्चा कुपोषण का शिकार होकर बीमारियों के घेरे में न आ सके।

उन्होंने कहा कि समय पर सही मात्रा में भोजन के साथ फ्रूट का इस्तेमाल न करने कारण कुपोषण का शिकार हुए बच्चे अक्सर ही बीमारियों के साथ लिप्त हो जाते हैं, जिसके चलते उनकी बीमारियों के साथ लड़ने की साम‌र्थ्य कम जाती है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बच्चों को तंदुरुस्त रहने के लिए विटामिन ए,सी और विटामिन डी अति जरूरी है।

बीईई अंकुश भंडारी ने कहा कि यदि बच्चा सही खुराक लेगा तो उसे कभी भी दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ेगी। अक्सर ही कुपोषण का शिकार बच्चे अपने सहपाठियों की अपेक्षा पिछड़ जाते हैं, जिसका सीधा कारण उनके भीतरी कमजोरी होता है। भंडारी ने कहा कि बच्चे को जन्म उपरांत जहां मां का दूध अमृत की तरह सिद्ध होता है, उसी तरह उम्र बढ़ने के साथ-साथ सही भोजन और फल, दूध आदि का इस्तेमाल करना अति जरूरी है, जिससे बच्चे किसी तरह की बीमारी का शिकार न हो सके। इस दौरान अमरजीत, महेंदरपाल, बलविंदर सिंह, मनप्रीत सिंह, सतनाम सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

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