महिला को अवैध हिरासत में रखकर किया था प्रताडि़त, DSP सहित 12 मुलाजिमों पर केस

फिरोजपुर [अमनदीप सिंह]। बठिंडा के जुझार नगर की रहने वाली सिमरनजीत कौर पर झूठा केस दर्ज करना फिरोजपुर पुलिस को भारी पड़ गया। हाई कोर्ट के आदेश पर कैंट थाना के तत्कालीन एसएचओ राजेश कुमार (वर्तमान में बठिंडा में डीएसपी क्राइम पद पर तैनात) सहित 12 पुलिस अधिकारियों व कर्मियों पर महिला का अवैध हिरासत में रखने और उसे प्रताडि़त करने का केस दर्ज हुआ है।

केस में अभी केवल राजेश कुमार का ही नाम दिया गया है, बाकी अन्य की पहचान की जा रही है। 14 नवंबर को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में एसएसपी फिरोजपुर विवेकशील सोनी ने एफआइआर में सभी आरोपितों के नामों का उल्लेख कर 19 नवंबर तक अदालत में रिपोर्ट की कापी जमा करने का भरोसा दिया है।

बठिंडा की सिमरनजीत कौर ने हाई कोर्ट में दायर याचिका में बताया कि 13 जून 2017 को कैंट थाना फिरोजपुर में तैनात रहे राकेश कुमार और 10 से 12 अन्य पुलिस मुलाजिमों और अधिकारियों ने उसे पकड़ा और सीआइए स्टाफ फिरोजपुर के हवाले कर दिया। उसे दो दिन तक अवैध हिरासत में रखा गया। इसके बाद 15 जून 2017 को फिरोजपुर कैंट पुलिस ने धारा 109 के तहत आवारागर्दी का झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया।

बाद में एसडीएम की अदालत से उसे जमानत मिल गई। छूटने के बाद वह फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में दाखिल हो गई तथा एमएलआर कटवाया। उसने बताया कि वह पुलिस अधिकारियों के पास फरियाद लेकर गई, लेकिन उसे निराशा हाथ लगी। हार कर उसने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और याचिका दायर कर दी। 14 नवंबर को हाईकोर्ट ने कैंट थाना के एचएचओ रहे राजेश कुमार पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। राजेश कुमार जिस थाना के प्रभारी रहे हैं, उसी थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। राकेश कुमार को अगस्त 2017 में एसएचओ रहते हुए लाइन हाजिर भी किया गया था।

डीएसपी ने नकारे आरोप, कहा- मैंने कानून के मुताबिक कार्रवाई की

डीएसपी राकेश कुमार ने कहा कि पुलिस ने शिकायतकर्ता को उस दौरान आवारागर्दी करते हुए रात के वक्त पकड़ा था। मैंने कानून के मुताबिक कार्रवाई की थी। मामले की जांच एएसआइ कर रही थी। महिला को एसडीएम कोर्ट में पेश करने के बाद जमानत पर छोड़ा गया था। वह पूरी तरह से बेगुनाह है। 

हरियाणा की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पंजाब की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.