फाजिल्का में दूसरे दिन भी बंद रही अस्पताल की ओपीडी

छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट में संशोधन की मांग को लेकर सेहत व पैरा मेडिकल यूनियन सिविल अस्पताल फाजिल्का व मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नीकल यूनियन जिला फाजिल्का द्वारा सिविल अस्पताल व समूह विभागों के कर्मचारियों की ओर से शुक्रवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी गई जिस कारण ओपीडी व डाक्टरों के कमरे सुने रहे।

JagranFri, 09 Jul 2021 11:13 PM (IST)
फाजिल्का में दूसरे दिन भी बंद रही अस्पताल की ओपीडी

संवाद सूत्र, फाजिल्का : छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट में संशोधन की मांग को लेकर सेहत व पैरा मेडिकल यूनियन सिविल अस्पताल फाजिल्का व मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नीकल यूनियन जिला फाजिल्का द्वारा सिविल अस्पताल व समूह विभागों के कर्मचारियों की ओर से शुक्रवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी गई, जिस कारण ओपीडी व डाक्टरों के कमरे सुने रहे।

हालांकि सुबह के समय कुछ लोग चेकअप के लिए आए, लेकिन उन्हें बिना जांच लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा, जबकि अब शनिवार व रविवार की छुट्टी के चलते उन्हें सोमवार चेकअप करवाने या फिर प्राइवेट चेकअप करवाने के लिए मजबूर होना होगा। उधर, यूनियन के सदस्यों ने कहा कि कोरोना काल के चलते हुए अपने परिवार की जान जोखिम में डाली गई। लेकिन अभी तक उनको रेगुलर करने संबंधी कोई प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जल्द ही सरकार ने उनकी मांग ना मानी तो संघर्ष तेज किया जाएगा। इस दौरान पैरा मेडिकल व पंजाब स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी के सदस्यों ने सिविल सर्जन डा. कविता सिंह को पंजाब सरकार के नाम मांगपत्र भी सौंपा।

फिरोजपुर में रुके एक्सरे, नहीं हुए मरीजों के टेस्ट संवाद सूत्र, फिरोजपुर : रेडियोग्राफर, नर्सिंग एसोसिएशन, फार्मेसी और लैब टेक्निशियन की दो दिवसीय हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही और सिविल अस्पतालों का काम ठप रहा। स्टाफ नर्सों के हड़ताल पर होने के कारण ट्रेनिग ले रही नर्सों ने मोर्चा संभाला और डाक्टरों के साथ मरीजों की सेवा की। वहीं अस्पताल पहुंचे मरीजों को न दवा मिली न ही किसी तरह का टेस्ट हुआ। मरीज डाक्टर्स से दवा देने का निवेदन करते रहे लेकिन मरीजों को निराशा हाथ लगी। फार्मेसी बंद होने से डाक्टर जांच की ओपीडी भी मात्र 70 के करीब ही हुई ।

लैब टेस्ट व एक्सरे के अलावा टीबी टेस्ट करवाने वाले मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा और मजबूरन उन्हें निजी लैब की तरफ रुख करना पड़ा । इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे दिव्यांग विक्रमजीत सिंह ने बताया कि वे दिव्यांगता का सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आया था, लेकिन मुलाजिमों के हड़ताल पर होने कारण वे अस्पताल में भटक रहा है। उन्होंने ये कहा गया है कि सोमवार को आना। अब उसे दोबारा आना पड़ेगा ।

हड़ताल में शामिल यूनियन नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट पेश कर मुलाजिमों के अधिकारों का हनन कर रही है। सरकारी नीतियों के विरोध में ही सेहत मुलाजिमों को हड़ताल करने पर विवश होना पड़ रहा है। अभी तक एमरजेंसी सेवाएं चालू है। अगर सरकार ने रिपोर्ट वापस न ली तो एमरजेंसी सेवाएं भी बंद की जा सकती है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.