अबोहर में चार दिन और सेहत सेवाएं रहेंगी ठप

सरकारी अस्पताल के डाक्टरों ने अपनी हड़ताल शनिवार तक बढ़ा दी है। रविवार को छुंट्टी के बाद सोमवार को भी डाक्टरों के काम लौटने की संभावना नहीं है।

JagranThu, 15 Jul 2021 10:46 PM (IST)
अबोहर में चार दिन और सेहत सेवाएं रहेंगी ठप

संवाद सहयोगी, अबोहर : सरकारी अस्पताल के डाक्टरों ने अपनी हड़ताल शनिवार तक बढ़ा दी है। रविवार को छुंट्टी के बाद सोमवार को भी डाक्टरों के काम लौटने की संभावना नहीं है। हड़ताल के कारण पिछले तीन दिन से सरकारी अस्पताल में इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी कार्य ठप पड़े हैं, जिससे मरीजों को मजबूरी में निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा हैं। यहां तक कि लोगों को अस्पताल में दवाएं भी नहीं मिल रही और आर्मी की भर्ती के लिए युवाओं के मेडिकल भी न होने के कारण उन्हें परेशान होना पड़ रहा है।

डाक्टरों की ओर से वीरवार हड़ताल खत्म की जानी थी, लेकिन प्रांतीय कमेटी के निर्देशानुसार डाक्टरों ने हड़ताल बढ़ा दी जिसके चलते अस्पताल का पूरा कामकाज ठप हो गया। केवल एमरजेंसी केस ही अटेंड किए जा रहे है। यहां तक कि अब नार्मल आपरेशन भी बंद हो गए हैं। डाक्टरों ने नए मरीजों को भतीं करना बंद कर दिया है व जो पुराने मरीज दाखिल हैं उनको उपचार चल रहा है। डाक्टरों ने कहा कि सरकार उनकी मांग अब पूरी कर दे तो वह भी काम करने को तैयार हैं, लेकिन सरकार हड़ताल के बावजूद उनकी बात नहीं सुन रही। सरकारी अस्पताल के डाक्टर लगातर सोमवार से हड़ताल पर हैं। डाक्टरों का कहना है कि अगर माकें नहीं मानी जाती तो हड़ताल आगे भी बढ़ सकती है।

फाजिल्का में लगाई ओपन ओपीडी, नहीं हुए मरीजों के टेस्ट संवाद सूत्र, फाजिल्का : छठे वेतन आयोग के खिलाफ डाक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ का रोष प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा। पिछले तीन दिन ही हड़ताल के दौरान जहां ओपीडी बंद रहने के कारण डाक्टरों ने मरीजों की जांच नहीं की, जबकि वीरवार को हड़ताल खत्म कर डाक्टर कार्य पर लौट आए, लेकिन ओपीडी की पर्ची नहीं काटी गई और डाक्टरों द्वारा ओपन बैंच लगाकर मरीजों का चेकअप किया गया और उन्हें जरूरी दवाई के परामर्श दिए गए। इस दौरान केवल अस्पताल में दाखिल व इमरजेंसी मरीजों के ही टेस्ट किए गए, जबकि चेकअप करवाने आए लोगों के टेस्ट नहीं हुए।

फाजिल्का के सरकारी अस्पताल में रोजाना पहले 200 से 300 लोगों की ओपीडी रहती थी। उधर, डाक्टरों ने मरीजों के चेकअप से पहले सरकारी अस्पताल में आधा घंटा धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। डाक्टरों के साथ पैरा मेडिकल स्टाफ भी धरने पर बैठा और छठे वेतन कमिशन की त्रुटियों को दूर करने मांग की। इसके बाद एसएमओ के कार्यालय के बाहर बैंच लगाकर डाक्टरों द्वारा विभिन्न मरीजों की जांच शुरू की गई। वीरवार को सरकारी अस्पताल में पहुंचे लगभग 50 से 70 लोगों की जांच करके उन्हें जरूरी परामर्श दिए गए। गांव सलेमशाह से पहुंचे सोनू कुमार ने बताया कि सोमवार को जब वह अस्पताल में आया तो उसे पता चला कि बुधवार तक डाक्टरों की हड़ताल है, जिसके चलते वह वीरवार को अस्पताल में पहुंचा। भले ही सरकारी फीस के रूप में काटी जाने वाली ओपीडी की पर्ची नहीं काटी गई। लेकिन डाक्टरों ने चेकअप के बाद उन्हें जरूरी दवाईयों के परामर्श दिए। लेकिन दवाइयों को लेकर उन्हें काफी परेशानी झेलनी पड़ी।

उधर, डाक्टरों कहना है कि प्रांतीय कमेटी द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार वीरवार को ओपन ओपीडी करके मरीजों की जांच की गई, ताकि मरीजों को ईलाज के लिए कोई परेशानी ना हो। लेकिन उनका संघर्ष सरकार के साथ जारी रहेगा। ।

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