आसमां में बादलों के साथ किसानों के माथे पर छाई चिंता की लकीरें

जिले में रविवार दोपहर तक मौसम साफ था और धूप खिली हुई थी। लेकिन अढ़ाई बजे अचानक आसमां में बादल छा गए।

JagranSun, 17 Oct 2021 10:27 PM (IST)
आसमां में बादलों के साथ किसानों के माथे पर छाई चिंता की लकीरें

मोहित गिल्होत्रा, फाजिल्का : जिले में रविवार दोपहर तक मौसम साफ था और धूप खिली हुई थी। लेकिन अढ़ाई बजे अचानक आसमां में बादल छा गए। इन बादलों ने गर्मी से लोगों को राहत तो प्रदान नहीं की, लेकिन किसानों की चिता जरूर बढ़ा दी। मंडी में किसान अपनी फसल को भीगने से बचाने के लिए धान की ढेरियों पर त्रिपालें रखते नजर आए। तो सबसे ज्यादा परेशान किसान नरमा मंडी में देखने को मिले।

नरमा मंडी में बैठे किसान इस लिए परेशान हैं कि एक तो उन्हें पिछले कुछ समय से भाव कम मिल रहा है, दूसरा अगर बारिश हो जाती है, तो नरमे को बेचने के लिए उन्हें कई दिनों तक मंडी में बैठना पड़ेगा।

इससे पहले मौसम विभाग ने रविवार व सोमवार के बीच तेज बारिश होने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की थी, जिसको लेकर किसानों ने पहले से ही तिरपालों का इंतजाम कर लिया था। इसके अलावा कई किसानों ने तो ढेरियों को ढक भी रखा था, ताकि एक दम से चलने वाली तेज हवाओं व बारिश से फसल को बचाया जा सके। किसान जसविद्र सिंह ने कहा कि सीजन की शुरूआत में भी बारिश के कारण कई किसानों को परेशानियां झेलनी पड़ी थी, लेकिन अब अगर फिर से बारिश होती है तो उन्हें और परेशानी झेलनी पड़ेगी। उनकी यही दुआ है कि बारिश बिल्कुल भी ना हो। फाजिल्का की अनाज मंडियों में रविवार शाम तक 26750 एमटी धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से 25784 एमटी धान की खरीद विभिन्न एजेंसियों की ओर से खरीद ली गई है। मंडी में केवल 966 एमटी धान की खरीद होनी बाकी है, जबकि बात अगर लिफ्टिग की करें तो 25784 एमटी धान में से 12798 एमटी धान की ही लिफ्टिग हुई है, जबकि अभी भी 50 प्रतिशत यानि 12986 एमटी धान की लिफ्टिग होना अभी बाकी है। इसमें मार्कफैड द्वारा खरीदी 10162 में से 5187 एमटी, पनग्रेन द्वारा खरीदी 6074 में से 3144 एमटी, पनसप द्वारा खरीदी 5130 में से 3555 एमटी, वेयरहाउस द्वारा खरीदी 4038 में से 1100 एमटी धान की लिफ्टिग हुई है।

चार दिन से नहीं हुई धान की खरीद, अब बारिश का सता रहा डर

फाजिल्का की अनाज मंडी में बैठे गांव आवा के किसान जोगिद्र सिंह ने बताया कि वह पिछले चार दिन से अपनी ढेरी लेकर बैठा है। उसकी फसल खुले आसमां के नीचे पड़ी हुई है। अगर बारिश तेज होती है तो उसकी फसल भीग जाएगी, जिसके बाद खरीद एजेंसियां फसल के सुखने तक उसको नहीं खरीदेंगी।

नरमे का नहीं मिल रहा भाव, बादलों ने चिंता में डाले किसान

नरमा मंडी में बैठे किसानों ने कहा कि पिछले दिन में भावों में तेजी आई थी। लेकिन अब फिर से भाव कम मिल रहे हैं, जिस कारण एक तो भाव को लेकर किसान मायूस है। दूसरा अब अगर बारिश होती है तो खुले आसमां के नीचे पड़ा नरमा भीग जाएगा। हालांकि उन्होंने त्रिपालों को लेकर इंतजाम तो किया हुआ है, लेकिन अगर बारिश ज्यादा आती है तो फसल भीगने की संभावना है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.