नशा छोड़ने की दवा न मिलने पर किया प्रदर्शन

जिले के गांव जट्टवाली के नजदीक नशामुक्ति केंद्र में दवा लेने गए लोगों ने दवा मिलने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

JagranWed, 08 Dec 2021 10:01 PM (IST)
नशा छोड़ने की दवा न मिलने पर किया प्रदर्शन

संवाद सूत्र, फाजिल्का : जिले के गांव जट्टवाली के नजदीक नशामुक्ति केंद्र में दवा लेने गए लोगों ने दवा मिलने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। रोष प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि गांव जट्टवाली के नशामुक्ति सेंटर में नशा छोड़ने की दवाई आती है, लेकिन कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी व पिछले दो दिन से दवाई नहीं दे रहे। दवाई न मिलने के चलते मरीज काफी परेशान हैं। अधिकतर लोग मिस्त्री व मजदूरी करते हैं, वह मजदूरी छोड़कर यहां दवाई लेने आते हैं।

उन्होंने कहा कि इतनी महंगी दवाई लेने में असमर्थ हैं। इसलिए उनकी मांग है कि उन्हें दवाई उपलब्ध करवाई जाए। इस संबंधी जब फाजिल्का के एसएमओ डा. गोयल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जैसे ही यह परेशानी उनके ध्यान में आई तो तुरंत उन्होंने अन्य स्टाफ को भेजकर समस्या का हल कर दिया। उन्होंने कहा कि वहां कुछ स्टाफ की तैनाती की गई है, जो नशा छोड़ने वाले लोगों को परेशानी नहीं आने देंगे।

पल्लेदारों का धरना दूसरे दिन भी रहा जारी संवाद सहयोगी, अबोहर : पंजाब की फूड एजेंसियों में चल रहे ठेकेदारी सिस्टम के खिलाफ संघर्ष कर रहे पल्लेदार यूनियन ने पंजाब यूनियन के आह्वान पर शुरू किया गया अनश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रखा।

इस मौके पर प्रधान स्वर्ण सिंह बिट्टू, सतनाम सिंह, जीत सिंह, काला सिंह, रणजीत सिंह व बलकार सिंह ने कहा कि ठेकेदारी सिस्टम खत्म करके मजदूरों को उनकी खून पसीने की कमाई का सीधा भुगतान किया जाना चाहिए। अब तक बहुत सी राजनीतिक पार्टियों ने ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने के झूठे वादे कर मजूदरों की भावना से खिलवाड़ किया है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मजदूर जाग चुके हैं। वह अपना हक लिए बगैर पीछे हटने वाले नहीं हैं। जब तक सरकार फूड एजेंसियों से ठेकेदारी सिस्टम खत्म कर मजदूरों को सीधी पेमेंट नहीं करती संघर्ष जारी रहेगा। स्वर्ण सिंह बिट्टू ने कहा कि पंजाब भर में समूह पल्लेदार संगठन फूड एजेंसियों का लोडिंग, अनलोडिंग और स्टेशन की स्पेशलों पर गांठों के लोड अनलोड का काम अनिश्चित समय के लिए बंद कर दिया है। इस संबंध में पहले ही एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को पहले ही ज्ञापन सौंपा जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब यह संघर्ष तभी रुकेगा जब उनकी मांगे पूरी होगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह किसानों के संघर्ष ने मिसाल कामय कर जीत हासिल की है उसी तरह पल्लेदारों का संघर्ष भी जीत कर ही दम लेगा।

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