ब्लैक स्पाट हर साल लोगों को दे रहे जख्म

ब्लैक स्पाट हर साल लोगों को दे रहे जख्म

जिले की सड़कों पर होने वाले हादसों में ज्यादातर हादसे ब्लैक स्पाट पर होते हैं। पिछले साल संबंधित विभाग की ओर से चार जगहों को ब्लैक स्पाट में लिया गया था जबकि जिले में कई जगहें ऐसी हैं जहां अकसर ही हादसे होते रहते हैं। लेकिन इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 06:08 AM (IST) Author: Jagran

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मोहित गिल्होत्रा, फाजिल्का : जिले की सड़कों पर होने वाले हादसों में ज्यादातर हादसे ब्लैक स्पाट पर होते हैं। पिछले साल संबंधित विभाग की ओर से चार जगहों को ब्लैक स्पाट में लिया गया था, जबकि जिले में कई जगहें ऐसी हैं, जहां अकसर ही हादसे होते रहते हैं। लेकिन इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते। फाजिल्का जिले में इस साल 81 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें से 15 से 20 हादसे इन ब्लैक स्पाट पर ही हुए हैं।

इस साल अभी ब्लैक स्पाट चिन्हित नहीं किए गए, जबकि पिछले साल के ब्लैक स्पाट में गांव चांदमारी, गांव सुखेरा बोदला व बल्लूआना शामिल थे। जबकि इसके अलावा जट्टवाली मौड़ के अलावा अन्य लिक सड़कों के किनारों पर भी हादसे होते रहते हैं। जिला प्रशासन की ओर से इन ब्लैक स्पाट के हल के लिए ट्रैफिक बैरियर इन स्थानों पर रखे गए हैं, लेकिन इसके बावजूद धुंध के दिनों में अचानक वाहन सामने आ जाने से यह हादसे हो जाते हैं। गांव चांदमारी के आसपास कई गांवों की सड़कें निकलती हैं, जिसके चलते कुछ वाहन चालक बिना ईधर उधर देखे हाइवे पर चढ़ने लगते हैं, जिस कारण बड़ा हादसा हो जाता है।

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इन जगहों पर सावधानी से चलाए वाहन

फाजिल्का जिले में कुल 12 ऐसी जगहें हैं, जिन पर छोटी से चूक दुर्घटना का कारण बन सकती है। इन प्वाइंटों में अबोहर में फाजिल्का रोड से निकलने वाला श्रीगंगानगर मार्ग, गांव शहतीर वाला का टी प्वाइंट, फाजिल्का का हनुमान मंदिर चौक, संजीव सिनेमा चौक, फाजिल्का में अनाज मंडी के सामने खुलने वाला फ्लाईओवर का मुहाना, जलालाबाद का ट्रैफिक सिग्नल चौक प्रमुख हैं। इनमें से फाजिल्का के हनुमान मंदिर चौक की बनावट में बदलाव करते हुए वहां गोल चौक बनाकर हादसों की संख्या जिला प्रशासन के सहयोग से घटाई गई है, जबकि अनाज मंडी के गेट के सामने अभी भी बड़ी वाहनों के मुड़ने से हादसे होने का खतरा बना हुआ है।

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सड़क किनारे खड़े वाहन बनते हैं हादसों का कारण

भले ही तेज रफ्तार और वाहनों में खामी ही हादसों का कारण बनती हैं। लेकिन इनमें एक और सबसे बड़ा कारण सड़क पर खड़े किए जाने वाले वाहन और खराब वाहन बनते हैं। कई ड्राइवर सड़क पर ही अपने वाहनों को पार्क कर देते हैं, जिससे धुंध के दिनों में यह वाहन दिखाई नहीं देते, जिस कारण कई बार बड़े हादसो हो जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस को चाहिए कि ऐसे चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें ज्यादा से ज्यादा जागरूक किया जाए।

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