बेसहारा पशुओं ने लील ली एक और जिंदगी

शहर की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशु लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बन चुके हैं।

JagranFri, 30 Jul 2021 10:53 PM (IST)
बेसहारा पशुओं ने लील ली एक और जिंदगी

संवाद सहयोगी, अबोहर : शहर की सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशु लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बन चुके हैं। पशुओं के कारण हादसों में कई लोग जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन व सरकार बेसहारा पशुओं की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे। वीरवार रात को गांव उसमान खेड़ा के निकट बाइक सवार किसान की पशु से टक्कर के कारण मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार उसका साथी घायल हो गया, जिसे अबोहर के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। जुलाई महीने में ही आवारा पशुओं के कारण क्षेत्र में यह तीसरी मौत है।

गांव जंडवाला हनुमंता निवासी हेत राम (35) पुत्र मनफूल अपने साथी कालू राम पुत्र अशोक राज के साथ बाइक पर राजस्थान के गांव किकरियां जैसल से ट्रैक्टर ट्राली लेने गए थे व वापसी में उसका भाई राजेश ट्रैक्टर पर पीछे आ रहा था, जबकि वह बाइक आगे आगे चल रहे थे। बाइक सवार जब गांव उसमान खेड़ा के निकट पहुंचे तो अचानक उनकी बाइक आवारा पशु से टकरा गई, जिससे बाइक से गिरकर हेत राम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके पीछे बैठा साथी कालू राम घायल हो गया। ट्रैक्टर पर पीछे आ रहे भाई ने आकर उन्हें संभाला, लेकिन तब तक हेत राम दम तोड़ चुका था। पुलिस ने शव को यहां के सरकारी अस्प्ताल की मोर्चरी में रखवाजांच शुरू कर दी है। दो बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

हेत राम किसान था व उसकी दो बेटियां हैं जो अभी छोटी है। हेत राम की मौत के बाद दोनों बेटियों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया, जैसे ही घटना की सूचना गांव में शोक की लहर है।

पशुओं के कारण पहले भी हो चुकी हैं कई मौतें

20 जुलाई को गांव सुखचैन निवासी 26 वर्षीय प्रवीण कुमार गांव सुखचैन व खेरपुरा के समीप मुख्य सड़क पर बेसहारा पशुओं की चपेट में आ गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी।

09 जुलाई को ईदगाह बस्ती में दो सांड आपस में भिड़ते हुए एक घर में जा घुसे थे। उस समय में कमरे में छह लोग जूतियां बनाने के काम में लगे हुए थे, जिन्होंने भागकर अपनी जान बचाई व इस दौरान चार लोगों को मामूली चोट भी आई।

17 जनवरी 2021 नई आबादी गली नंबर पांच में रहने वाले 60 वर्षीय सुभाष सोनी 17 जनवरी को नई अनाज मंडी से पुरानी फाजिल्का रोड पर भाटिया पैलेस के सामने बाइक पर आ रहे थे। सामने से बेसहारा पशु ने बाइक को टक्कर मार दी जिससे उनकी मौत हो गई थी।

20 जनवरी 2021 को को ही नई अनाज मंडी में सांड ने गोबिद नगरी निवासी 55 वर्षीय मजदूर अरुण कुमार को इस तरह उठाकर पटका था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अलावा भी कई लोग इन पशुओं का शिकार हो चुके हैं। राज्य स्तर की है पशुओं की समस्या : मेयर निगम के मेयर विमल ठठई ने कहा कि पशुओं की समस्या पूरे राज्य स्तर की है और वह संबंध पंजाब सरकार से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं का हल तभी हो सकता है जब गांवों में इनके लिए व्यवस्था की जाए, क्योंकि वह हरा चारा व तुडी वगैरह आसानी से मिल जाती है जबकि शहरों में यह सब कुछ मूल्य मिलता है। उन्होंने कहा कि गोशाला के पास इतनी जगह नहीं है कि वह इन आवारा पशुओं को संभाल सके।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.