कौंसिल ने ठीक करवाए कार फ्री जोन के बैरिकेड्स

फाजिल्का के ऐतिहासिक घंटाघर की सुंदरता को बरकरार रखने के लिए भले ही कार फ्री जोन में बैरिकेड्स लगा दिए गए लेकिन बार बार वाहनों द्वारा बैरिकेड्स टूटने के कारण बड़े वाहन के जरिए दुकानों पर सामान लाने वालों को तो फायदा हो रहा है।

JagranFri, 24 Sep 2021 10:39 PM (IST)
कौंसिल ने ठीक करवाए कार फ्री जोन के बैरिकेड्स

मोहित गिल्होत्रा, फाजिल्का :

फाजिल्का के ऐतिहासिक घंटाघर की सुंदरता को बरकरार रखने के लिए भले ही कार फ्री जोन में बैरिकेड्स लगा दिए गए, लेकिन बार बार वाहनों द्वारा बैरिकेड्स टूटने के कारण बड़े वाहन के जरिए दुकानों पर सामान लाने वालों को तो फायदा हो रहा है। लेकिन इनके अलावा कारों का जमावड़ा होने और वाहन खड़ा होने की जगह न होने के कारण लोगों को काफी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। 31 अगस्त को भी अज्ञात वाहन ने साइकिल बाजार के निकट बने बैरिकेड्स को तोड़ दिया था, जिसे लगभग 24 दिनों बाद अब नगर कौंसिल ने ठीक करवा दिया है।

घंटाघर के आसपास की दुकानों में बाहर से काफी सामान आता है। इसके लिए बड़े-बड़े वाहन घंटाघर के इस बैरिकेड्स को पार करके अंदर सामान को उतारते हैं। इसके अलावा अन्य वाहनों का भी सुबह के समय गेट खुले होने के चलते आना-जाना लगा रहता है। इसके चलते हर बार कोई न कोई वाहन चालक इसे टक्कर मारकर तोड़ देता है। इसका खामियाजा लोगों को ट्रैफिक समस्या के रूप में भुगतना पड़ता है। जून 2021 में भी किसी वाहन ने घंटाघर के दोनों तरफ के बैरिकेड्स को तोड़ दिया। इसके चलते नगर कौंसिल ने 17 जून को दोनों बैरिकेड्स को ठीक करवा दिया। लेकिन जुलाई माह में फिर से किसी वाहन ने बैरिकेड्स को टक्कर मार दी, जिस पर दैनिक जागरण की ओर से मुद्दा उठाए जाने पर 15 जुलाई को नगर कौंसिल ने बैरिकेड्स को ठीक करवा दिया, लेकिन 18 जुलाई को फिर किसी अज्ञात वाहन ने बैरिकेड्स को टक्कर मार दी। अभी नगर कौंसिल ने काफी समय बाद बैरिकेड्स को जोड़ा ही था कि 31 अगस्त को गोशाला रोड की तरफ से फिर से किसी ने बैरिकेड्स तोड़ दिया। तीन सप्ताह पहले दैनिक जागरण ने ऐतिहासिक घंटाघर के कार फ्री जोन के पार्किग स्थल बनने का मुद्दा उठाया था। इस दौरान बताया गया था कि बेरिकेड्स टूटने के कारण लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे और अपनी गाड़ियों को घंटाघर के आसपास खड़ी करके चले जाते हैं, जिससे यहां यातायात की समस्या बनी हुई है। कौंसिल ने बेरिकेड्स को ठीक करवाने का कार्य शुरू कर दिया है, जिससे अब घंटाघर के आसपास लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिलेगी। हालांकि लोग बार बार बैरिकेड्स के टूटने को लेकर कौंसिल से सख्त नियम बनाने की मांग कर रहे हैं। क्योंकि बार बार बैरिकेड्स को ठीक करवाने से एक तो नगर कौंसिल को नुकसान हो रहा है। वहीं दूसरा लोगों की परेशानी बढ़ रही है।

संत महापुरुषों के नाम पर हैं तीनों गेट

साल 2008 में भाजपा बोर्ड वाली कौंसिल ने घंटाघर चौक की तरफ आने वाले तीन मार्गो पर बैरिकेड्स लगाकर उसे कार फ्री जोन में तबदील कर दिया था। यह कार फ्री जोन भारत की पहली कार फ्री जोन बनी थी और इसका चर्चे पूरे देश में हुई। कार फ्री जोन बनाने के लिए बाजार के तीन तरफ बेरिकेड्स लगाने से जो द्वार बने थे, उनके नाम नगर कौंसिल ने संत महापुरुषों श्री गुरु रविदास द्वार, भगवान वाल्मीकि द्वार व डा. आंबेडकर के नाम पर रखे।

बैरिकेड्स तोड़ने वाले पर होगी कार्रवाई : ईओ

बैरिकेड्स ठीक करवाने के बाद ईओ रजनीश गिरधर ने कहा कि यह बैरिकेड्स लोगों को होने वाली परेशानी से बचाने के लिए लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब तो बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं, लेकिन इसके बाद उन्हें तोड़ने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आसपास के दुकानदार इसके बारे में विशेष तौर पर ध्यान रखें और अगर कोई वाहन बैरिकेड्स को तोड़ता है तो इसकी जानकारी कौंसिल को दी जाए।

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