फाजिल्का में तीन माह बाद एक दिन में मिले कोरोना के 137 केस

फाजिल्का में तीन माह बाद एक दिन में मिले कोरोना के 137 केस

कोरोना को लेकर बरती जा रही लापरवाही लोगों पर ही भारी पड़ रही है। जिले में शनिवार को तीन महीनों बाद सबसे ज्यादा एक दिन में 137 नए मामले सामने आए हैं जबकि 19 लोग ठीक हुए हैं।

JagranSat, 17 Apr 2021 11:04 PM (IST)

संवाद सूत्र, फाजिल्का : कोरोना को लेकर बरती जा रही लापरवाही लोगों पर ही भारी पड़ रही है। जिले में शनिवार को तीन महीनों बाद सबसे ज्यादा एक दिन में 137 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 19 लोग ठीक हुए हैं। जिले में अप्रैल के 17 दिनों में 928 नए केस सामने आ चुके हैं। हालांक काफी संख्या में संक्रमित लोग ठीक भी हो रहे हैं। पिछले 17 दिनों में 14 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। फाजिल्का जिले में अब तक 5327 कोरोना संक्रमित मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 4524 लोग स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि जिले में एक्टिव केसों की संख्या 708 तक पहुंच गई है। इसके अलावा अब तक 95 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है।

फाजिल्का के बाजारों की बात करें तो लोगों के चेहरों से लगभग मास्क गायब है। रोजाना मामले सामने आने के बावजूद लोग कोरोना को हलके में ले रहे हैं। 137 टीमें लगातार कर रही वैक्सीनेशन

कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए अब कोरोना वैक्सीन जैसा हथियार सामने आ चुका है। सेहत विभाग द्वारा सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर लगातार वैक्सीनेशन कैंप भी लगाए जा रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की 137 टीमें स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीनेशन कर रही हैं।

अबोहर में सरकारी अस्पताल के छह स्टाफ सदस्यों सहित 30 पाजिटिव संस, अबोहर : अबोहर में शनिवार को 30 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव पाई गई है। इसमें सरकारी अस्पताल के छह स्टाफ सदस्य व सरकारी कन्या सीसे स्कूल की एक अध्यापिका भी शामिल है। अध्यापिका पाजिटिव पाए जाने से पहले निरंतर स्कूल आ रही थी व उसके संपर्क में आने वाली अध्यापिकाओं के भी सैंपल लिए जाएंगे।

शहर में अप्रैल महीने में कोरोना के 200 मामले सामने आए हैं, जबकि तीन लोगों की जान जा चुकी है की बात करें तो तीन लोगों की जान जा चुकी है जबकि 200 से अधिक लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। कोरोना संक्रमितों को घरों में ही आइसोलेट किया जा रहा है। अगर किसी को अधिक दिक्कत हो तो उसे जलालाबाद कोरोना आइसालेशन सेंटर भेजा जा रहा है पहले अबोहर में भी कोरोना केयर सेंटर स्थापित किया गया था जो अब बंद किया गया है और सरकारी अस्पताल में कोरोना के किसी तरह के इलाज का कोई प्रबंध नहीं है।

उधर, सरकारी अस्पताल में कोरोना का टेस्ट करवाने वालों व वैक्सीन लगाने वालों की लंबी लंबी कतारें देखने को मिल रही है। एसएमओ डा. गगनदीप सिंह ने सभी लोगों से अपील की है कि वह कोरोना को हल्के में न ले बल्कि नियमों का पूरी तरह से पालन करें।

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