..बैरंग लौटे मंत्री, प्रधान के लिए कोटकपूरा वासियों को अभी और करना होगा इंतजार

कोटकपूरा के लोगों को नगर कौंसिल प्रधान के लिए अभी और इंतजार करना होगा। शुक्रवार को हाईकोर्ट के फैसले व पार्टी के दखल के बाद भी कौंसिल प्रधान का चुनाव नहीं हो सका।

JagranFri, 18 Jun 2021 11:03 PM (IST)
..बैरंग लौटे मंत्री, प्रधान के लिए कोटकपूरा वासियों को अभी और करना होगा इंतजार

चंद्र गर्ग, कोटकपूरा : कोटकपूरा के लोगों को नगर कौंसिल प्रधान के लिए अभी और इंतजार करना होगा। शुक्रवार को हाईकोर्ट के फैसले व पार्टी के दखल के बाद भी कौंसिल प्रधान का चुनाव नहीं हो सका। वजह नगर कौंसिल के 29 पार्षदों में से केवल आठ पार्षद ही हाउस में मौजूद थे। चुनाव संपन्न करवाने के लिए पार्टी द्वारा भेजे गए प्रदेश सरकार के मंत्री व वरिष्ठ नेता साधू सिंह धर्मसोत को बैरंग वापस लौटना पड़ा। हालांकि चुनाव के दौरान पहुंचे पार्षदों में से राहुल सिंह सिद्धू के करीबी स्वतंत्र जोशी को सीनियर उपाध्यक्ष और सुरिदर कौर उपाध्यक्ष चुना गया। यह चुनाव प्रकिया कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत की हाजिरी में मुकम्मल हुई। किसी भी प्रकार के विवाद व कोविड को मद्देनजर रखते हए प्रशासन ने धारा 144 लगा रखी थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे होकर नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। कैबिनेट मंत्री निर्धारित समय से दस मिनट पहले पहुंचे और करीब आधे घंटे में सारी प्रकिया पूरी करके चले गए। हलका विधायक कुलतार सिंह संधवां ने कौंसिल चुनाव में मंत्री की उपस्थित का विरोध किया। इसे संवैधानिक अवहेलना व उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन न करार देते हुए चुनाव प्रक्रिया बहिष्कार करते हुए बाहर धरने पर बैठ गए।

संविधान के तहत हुए चुनाव, कैबिनेट मंत्री शामिल नहीं हुए

नगर कौंसिल में कुल 29 पार्षद हैं। इनमें 21 कांग्रेस और शेष आजाद व शिअद से है। चुनाव प्रकिया के दौरान हाउस में सिर्फआठ पार्षद ही मौजूद थे। पार्षद स्वतंत्र जोशी ने बताया कि कांग्रेस के कुछ पार्षद नहीं पहुंचे। चुनाव अधिकारी उप मंडल मजिस्ट्रेट कोटकपूरा मेजर नरिंदर सिंह टिवाना ने बताया कि चुनाव अधिकारी की तरफ से संविधान के तहत चुनाव प्रकिया मुकम्मल करवाई गई है। उनकी तरफ से कानूनी प्रकिया अनुसार स्वतंत्र जोशी को सीनियर उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष के तौर पर सुरिंदर कौर को नियुक्त कर दिया गया है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि विधायक कुलतार द्वारा लिफाफा कल्चर का लगाया आरोप बिल्कुल गलत है। इस चुनाव प्रकिया में कैबिनेट मंत्री शामिल नहीं हुए, वह बिल्डिंग के बाहर जरूर खड़े रहे। इस चुनाव प्रकिया की वीडियोग्राफी करवाई गई है, जो हाईकोर्ट में पेश की जाएगी।

हमें चुनाव प्रक्रिया में शामिल नहीं होने दिया गया

दूसरी तरफ कांग्रेस के जिला प्रधान अजयपाल सिंह संधू ने कहा कि यह चुनाव प्रकिया बिल्कुल गैर संवैधानिक है। उनके घर पर नगर कौंसिल के 20 पार्षदों ने एकत्रित होकर प्रशासन द्वारा करवाई गई सीनियर उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव को गलत और गैर-कानूनी करार देते हुए इसे सरकारी धक्केशाही करार दिया है। कांग्रेस और दूसरी पार्टी के पार्षदों ने दोष लगाया कि उनको पुलिस और सरकारी ताकतों से डरा-धमका कर चुनाव प्रकिया में शामिल नहीं होने दिया गया। संधू ने बताया कि एक तरफ 20 पार्षद और दूसरे तरफ आठ पार्षद होने के बावजूद सीनियर उपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव कर लिया है। संधू ने बताया कि अध्यक्ष के चुनाव का मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। पार्षदों की तरफ से इस सरकारी धक्केशाही के विरोध में हाईकोर्ट का दरवाजा खड़काया जाएगा। उनको उम्मीद है कि यह चुनाव रद होगा और नए सिरे से चुनाव होगा।

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