दुष्‍कर्म पीड़िता व परिवार को मिलेगा 90 लाख, दोषी को मिली ऐसी सजा

जेएनएन, फरीदकोट। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने फरीदकोट से संबंधित एक नाबालिग छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म मामले में पीडि़ता और परिवार को 90 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। मुआवजा दोषी की संपत्ति को नीलाम कर दिया जाएगा।

हाईकोर्ट ने दोषी निशान सिंह और उसकी माता नवजोत कौर को पीडि़ता को 50 लाख रुपये और माता-पिता को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। जस्टिस एआर चौधरी और जस्टिस इंद्रजीत सिंह की डबल बैंच ने डीसी फरीदकोट को निर्देश दिए कि दोनों दोषियों की संपत्ति को नीलाम कर 10 हफ्ते में पीडि़त परिवार को मुआवजा दिया जाए।

24 सितंबर 2012 को निशान सिंह साथियों के साथ मिलकर हथियारों के बल पर नाबालिग छात्रा को उसके घर से उठा ले गया था। इस घटना में छात्रा के माता-पिता भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। इससे एक साल पहले भी निशान सिंह छात्रा को अगवा करके ले गया था। उस वक्त भी निशान सिंह पर अपहरण और दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया गया था लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। पुलिस की इसी लापरवाही का फायदा उठाकर वे दूसरी बार भी छात्रा को उसके घर से अगवा करके ले गया था।

एक महीने तक लोगों ने किया था संघर्ष

दूसरी बार छात्रा को घर से उठा ले जाने के बाद लोगों ने एक महीने तक आंदोलन किया था। एक महीने बाद पुलिस ने निशान सिंह को गोवा से गिरफ्तार किया था। केस में निशान की मां नवजोत कौर समेत बाकी साथियों को नामजद किया गया।

जिला अदालत ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा

दोनों केसों में जिला अदालत ने साल 2013 में निशान सिंह को उम्रकैद और बाकी दोषियों को 7-7 साल की सजा सुनाई थी।

फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका

इस सजा के खिलाफ निशान सिंह और अन्य दोषियों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया। इसके अलावा पीडि़त परिवार को 90 लाख मुआवजा देने के आदेश भी जारी किए।

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