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11 बजे के बाद बाजारों में पसर जाता है सन्नाटा

संवाद सहयोगी, फरीदकोट

भीषण गर्मी के कारण शहर से लेकर गांव तक रहने वाले लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पारा 43 डिग्री के पार है। गर्म हवा के थपेड़ों के बीच लोगों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। गर्मी से लोगों का बुरा हाल है, सड़के सुनसान हैं। लोग दोपहर को घरों से बाहर तक नहीं निलकलते और दिन भर बाजारों मे सन्नाटा पसरा रहा बाजार व मोहल्लों मे सुबह 11 बजे के बाद सन्नाटा सा छा जाता है, हांलाकि कोविड 19 के डर से लोग बाजार का खाने-पीने से परहेज ही कर रहे हैं। बावजूद इसके तेज गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए लेाग ठंडे पेय पदार्थो कुल्फी, जूस, लस्सी का सहारा ले रहे हैं।

बाजार मे बिकने वाले लेमन जूस, गन्ने के जूस गुद कतीरा जलजीरा खूब बिक रहा है। इसके साथ ही बाजार में आइसक्रीम व कुल्फी की डिमांड में भी इजाफा हुआ है। नींबू की भी लोग खुब खरीदारी कर रहे है, तेज धुप व गर्मी के कारण जहा पंखे कुलर व एसी की मांग बढ़ गई है, वहीं अस्पतालों मे लू लगने, दस्त के मरीज भी आ रहे हैं। बाजार में ठंडी तासीर रखने वाजे फल सब्जियों जैसे की तरबुज, खरभुजा, खीरा, ककड़ी, पुदीना, हरा प्याज की मांग भी जोरो पर है। इस दौरान तापमान बढ़ने के कारण लोगों में बेचैनी भी बढ़ाने लगी है। मौसम के मिजाज का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ने लगा है।

सब्जी व फल विक्रेता अपने सब्जी और फलों को बचाने के लिए पानी का छिड़काव बार बार कर रहे है। शाम को 6 बजे के बाद ही बाजार में लोग खरीदारी के लिए निकलते हैं। गर्मी के कारण शहर के विभिन्न सड़क मार्गो के अलावा मुख्य बाजार की रौनक पर भी असर पड़ा और बाजार में रौनक गायब रही।

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