स्वच्छता रैंकिंग में छह प्रतिष्ठानों को मिला स्थान, अस्पतालों में नर्सिग होम प्रथम

स्वच्छता रैंकिंग में छह प्रतिष्ठानों को मिला स्थान, अस्पतालों में नर्सिग होम प्रथम

साफ सफाई के मामले में फरीदकोट शहर के विभिन्न श्रेणियों की स्वच्छता रैंकिंग नगर कौंसिल फरीदकोट की ओर से सोमवार की दोपहर जारी की गई है।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 07:29 PM (IST) Author: Jagran

प्रदीप कुमार सिंह, फरीदकोट : साफ सफाई के मामले में फरीदकोट शहर के विभिन्न श्रेणियों की स्वच्छता रैंकिंग नगर कौंसिल फरीदकोट की ओर से सोमवार की दोपहर जारी की गई है। जारी की गई रैंकिग में अस्पतालों की श्रेणी में फिरोजपुर रोड स्थित मधु नर्सिंग होम, स्कूलों की श्रेणी में बाबा फरीद पब्लिक स्कूल व दशमेश पब्लिक स्कूल समान अंकों के साथ नंबर वन रहे। मोहल्ला स्वच्छता में आदर्श नगर वार्ड नंबर 13, सरकारी दफ्तरों की श्रेणी में डीसी दफ्तर और बाजारों की स्वच्छता श्रेणी में मेन बाजार फरीदकोट नंबर वन रहे।

नगर कौंसिल फरीदकोट के ईओ अमृत लाल व सेनेटरी इंस्पेक्टर सुखपाल सिंह ने बताया कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 के तहत मिली गाइडलाइन के तहत फरीदकोट शहर में स्कूल, मोहल्ला, बाजार, दफ्तर, होटल व अस्पताल की स्वच्छता रैंकिंग के लिए एक नवंबर से अभियान शुरू किया गया था।

इस अभियान में रैंकिग की जांच हेतु एक टीम का गठन किया गया था। टीम में सेनेटरी इंस्पेक्टर सुखपाल सिंह, प्रोग्राम कोआर्डिनेटर जसवीर कौर, सेनेटरी क्लर्क निर्मल सिंह, अमन कुमार, दीपक कुमार, शेखर कुमार, नवी शामिल रहे।

सेनेटरी इंस्पेक्टर सुखपाल सिंह ने बताया कि 200 नंबरों के इस रैंकिंग में उन प्रतिष्ठानों को वरीयता दी गई, जिन्होंने नगर काउंसिल के स्वच्छता अभियान में किसी न किसी रूप में अपना सहयोग दिया। इन छह श्रेणियों में परिसर के अंदर व बाहर की स्वच्छता, कूड़े के रखरखाव व उसके निस्तारण, सड़क से प्रतिष्ठान तक आवागमन आदि नियमों का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया।

राज्य स्तरीय रैंकिंग में फरीदकोट शहर को मिला था दूसरा स्थान

स्वच्छता रैंकिग में जिन छह श्रेणियों में नंबर वन का ताज मिला है, वह सभी फरीदकोट शहर में अपनी अपनी श्रेणियों में साफ सफाई के मद्देनजर नंबर वन हैं। उन्होंने बताया कि फरीदकोट नगर कौंसिल गत वर्ष स्वच्छता के मामले में प्रदेश में नंबर दो पर रहा था। इस बार लोगों के सहयोग से नंबर वन का ताज हासिल करना है। इसके लिए हम सभी को अपने आसपास साफ-सफाई के साथ ही कूड़ा निस्तारण में अमूल योगदान देना है। उन्होंने शहर वासियों से अपील की कि वह अपने घरों से निकलने वाले गीले व सूखे कूड़े को अलग अलग रखें और सफाई कर्मी को दें। गीले कूड़े से बनाई जा रही है खाद

सुखपाल ने बताया कि फरीदकोट शहर में गीले कूड़े से जैविक खाद बनाई जा रही है। घर व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले गीले कचरे से वहीं पर जैविक खाद तैयार की जा सकती है। यह खाद पेड़ पौधों की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में कारगर है। गीले कचरे की मात्रा 60 फीसद तक होती है। यदि सभी लोग गीले कचरे से जैविक खाद बनाना शुरू करें तो समस्या के समाधान में यह अहम हथियार साबित होगा।

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